प्रदर्शनकारियों को ‘‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो, इस्तीफा दो’’ के नारे लगाते सुना गया। सुरक्षाकर्मियों को प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ते तथा उन्हें तितर-बितर करने की कोशिश करते देखा गया। पुलिसकर्मियों ने कुछ प्रदर्शनकारियों की बांह पकड़कर उन्हें वहां खड़ी बसों की ओर खींचा, जबकि कई प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध किया। कुछ प्रदर्शनकारियों को सड़क पर घसीटते हुए ले जाते देखा गया, वहीं हिरासत में लिए जाने के दौरान भी कुछ लोग नारे लगाते रहे। जंतर-मंतर पहुंचने से प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्थानों पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन से मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरके आश्रम मार्ग के पास 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि दोपहर तक पूरे शहर में हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या करीब 100 तक हो सकती है। एसएफआई ने आरोप लगाया कि उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर नांगलोई स्थित सूरजमल स्टेडियम ले जाया गया। संगठन ने एक बयान में कहा कि उसके अखिल भारतीय अध्यक्ष आदर्श एम साजी, दिल्ली प्रदेश सचिव सूरज एलामोन, केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य अभिजीत मणिलाल और कई अन्य सदस्यों को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया।
एसएफआई ने आरोप लगाया कि पिंजरे जैसी पुलिस वैन के अंदर उसके नेताओं के साथ मारपीट की गई। संगठन ने यह भी दावा किया कि दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने जॉन ब्रिटास पर हमला किया और बाद में उन्हें घायल अवस्था में सड़क किनारे छोड़ दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि दिल्ली के सेक्रेड हार्ट चर्च के पादरी फादर बीजू जेवियर को पुलिस की कथित हिंसा का अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने के दौरान ‘‘गिरफ्तार’’ कर लिया गया। आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी विजय चौक के पास अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पहले अपराह्न ढाई बजे आरके आश्रम मार्ग पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। वीडियो फुटेज में बोरा को संगठन के अन्य सदस्यों के साथ नारेबाजी करते देखा गया, तभी सुरक्षाकर्मी उनकी ओर बढ़ने लगे। पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें रोकने की कोशिश के दौरान बोरा और अन्य प्रदर्शनकारी भागते हुए दिखाई दिए। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कॉजपा ने कहा कि उसके कई प्रदर्शनकारियों को कनॉट प्लेस मेट्रो स्टेशन और गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास हिरासत में लिया गया। संगठन की ओर से साझा किए गए वीडियो में प्रदर्शनकारी मानव शृंखला बनाने की कोशिश करते दिखे, तभी पुलिसकर्मी उन्हें हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़े। संगठन ने आरोप लगाया कि गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों और अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में ले लिया गया।
अन्य घटनाक्रम में, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में केवाईएस के सदस्य निगमबोध घाट के पास नावों पर प्रदर्शन करते दिखाई दिए। हाथों में पोस्टर लेकर वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। संगठन के सदस्य कनॉट प्लेस के पास भी प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की ये घटनाएं राजधानी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुईं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। शनिवार को पुलिस द्वारा समर्थकों को प्रदर्शन स्थल पर एकत्र होने से रोकने के बाद कॉजपा ने रविवार को दिन में 10 बजे वहां एक और प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली भर में 30,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। शनिवार को सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच कॉजपा के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए कई स्थानों पर कार्रवाई की, जिसमें 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार सहित विपक्ष के कई नेताओं को भी प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश करते समय हिरासत में ले लिया गया।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें