दिल्ली : राहुल से 12 अक्टूबर को न्यायालय तक प्रस्तावित मार्च रद्द करने की अपील की - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 11 अक्टूबर 2026

दिल्ली : राहुल से 12 अक्टूबर को न्यायालय तक प्रस्तावित मार्च रद्द करने की अपील की

Rahul-gandhi-protest-to-sc
नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पूर्व अध्यक्ष आदिश सी. अग्रवाल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से 12 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय तक प्रस्तावित मार्च रद्द करने का रविवार को आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस मार्च से न्यायपालिका पर अनुचित राजनीतिक दबाव पड़ेगा। विपक्षी दलों के नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपने के लिए उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अग्रवाल ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा कि इस तरह का मार्च “न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप” करेगा, खासकर तब, जब यह लंबित अदालती कार्यवाही से जुड़े राजनीतिक रूप से विवादास्पद मुद्दों से संबंधित है। विज्ञप्ति में वरिष्ठ अधिवक्ता के हवाले से कहा गया है कि प्रधान न्यायाधीश के पास मुख्य निर्वाचन आयुक्त को इस्तीफा देने का निर्देश देने या उन्हें पद से हटाने का कोई प्रशासनिक अधिकार नहीं है। इसमें अग्रवाल के हवाले से कहा गया है कि निर्वाचन आयोग के कामकाज की वैधता को लेकर कोई भी शिकायत सही पीठ के सामने न्यायिक कार्यवाही के जरिये उठाई जानी चाहिए, न कि सीजेआई को राजनीतिक ज्ञापन सौंपकर।

कोई टिप्पणी नहीं: