उन्होंने कहा, ‘‘विधान परिषद की 28 सीटों के ये चुनाव मतपत्रों के जरिए कराए गए थे। हालांकि, अगर इन चार राज्यों के नतीजों पर नजर डालें, तो कांग्रेस मुश्किल से नागपुर में एक सीट जीत सकी।’’ महाराष्ट्र में कांग्रेस केवल नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र जीत सकी, जहां उसके उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को हराया। प्रसाद ने कहा कि सबसे हैरान करने वाला परिणाम कर्नाटक से आया, जहां कांग्रेस सत्ता में है, लेकिन भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) ने सभी चार सीटें जीत लीं। प्रसाद ने कहा, ‘‘अगर राहुल गांधी इसके निहितार्थ समझ सकते हैं, तो उन्हें ऐसा करने की कोशिश करनी चाहिए। निर्वाचन आयोग का मजाक उड़ाने और उसकी वैधता पर सवाल उठाने के बजाय उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का जुड़ाव सुनिश्चित करना चाहिए। इससे बिखरी हुई रणनीति के बावजूद पार्टी को कुछ जमीन हासिल करने में मदद मिल सकती है।’’
पटना । एमएलसी चुनाव नतीजों का हवाला देते हुए जनता दल (यूनाइटेड) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपनी पार्टी की रणनीति पर पुनर्विचार करने और निर्वाचन आयोग एवं चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाने के बजाय जनता के मुद्दों पर ध्यान देने का सुझाव दिया। जद (यू) ने कहा कि चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों के चुनाव में कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी। जद (यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस लगातार मतपत्रों के जरिए चुनाव कराने की मांग करती रही है, लेकिन चुनाव में उसके प्रदर्शन के बाद उसे आत्ममंथन करना चाहिए।

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