वीआईपी गाड़ियों से लाल बत्ती गुल

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नयी दिल्ली, 19 अप्रैल, केन्द्र सरकार ने देश में ‘वीआईपी संस्कृति ’ समाप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित सभी विशिष्ट व्यक्तियों की गाड़ियों से आगामी एक मई से लाल बत्ती हटाने का निर्णय लिया है और नीली बत्ती सिर्फ आपात सेवाओं के वाहनों पर ही लगायी जा सकेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिया है और उन्होंने ही मंत्रिमंडल की बैठक में अपने इस फैसले की जानकारी दी। श्री जेटली ने बताया कि इसके लिए 1989 के केन्द्रीय मोटर वाहन नियमाें में दो बड़े परिवर्तन और उनसे जुड़े बदलाव किये जायेंगे जो गाड़ियों पर लाल और नीली बत्ती लगाने से संबंधित हैं। एक मई से देश में किसी भी वाहन पर लाल बत्ती नहीं लगायी जायेगी और नीली बत्ती सिर्फ एंबुलेंस , अग्निशमन वाहनों और पुलिस वाहन जैसी आपात सेवा वाहनों पर ही लगायी जा सकेंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि मोटर वाहन नियमवली के नियम 108 (i) तथा 108(iii) के तहत केन्द्र और राज्य सरकारों को अति विशिष्ट व्यक्तियों की गाड़ियों में लाल बत्ती लगाने का अधिकार मिला हुआ है लेकिन अब इस नियम को ही रद्द कर नियमावली से हटाया जा रहा है इसलिए एक मई से देश में किसी भी गाड़ी पर लाल बत्ती नहीं लगेगी और इस मामले में कोई अपवाद नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नियमावली के नियम 108 (2)में राज्य सरकारों को अतिविशिष्ट व्यक्तियों की गाड़ियों पर नीली बत्ती लगाने का अधिकार है लेकिन अब इस नियम में भी बदलाव किया जा रहा है । एक मई से एंबुलेंस, अग्निशमन तथा पुलिस वाहन जैसे आपात सेवाओं से जुड़े वाहनों पर ही नीली बत्ती लगायी जा सकेगी। प्रधानमंत्री के निर्णय के बाद सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और जल संसाधन मंत्री सुश्री उमा भारती ने पहल करते हुए आज ही अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती हटवा दी है। उल्लेखनीय है कि चुनाव के समय विभिन्न दल वीआईपी संस्कृति को खत्म करने का वादा करते रहे हैं । पंजाब में हाल ही में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह ने वीआईपी गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का निर्णय लिया था।

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