भारतीय महिला टीम के फाइनल में पहुंचने का दावा

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नयी दिल्ली, 25 मई, भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बार इंग्लैंड में होने वाले विश्वकप क्रिकेट टूर्नामेंट में कम से कम 2005 के अपने प्रदर्शन को दोहराने का माद्दा रखती है, जहां वह उपविजेता रही थी और उसकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उसका खिताब जीतना भी नामुमकिन नहीं लगता। यह मानना है ‘वूमैन क्रिकेट वर्ल्ड’ के नाम से प्रकाशित होने वाली पुस्तक के लेखक सुनील यश कालरा का। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा इस पुस्तक की संयुक्त लेखिका हैं, जो अपने सह-लेखक के विचारों से इत्तेफाक रखती हैं। महिला क्रिकेट विश्वकप 24 जून से इंग्लैंड में शुरु हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में लेखक, इतिहासकार एवं फिल्म निर्माता सुनील यश कालरा का महिला क्रिकेट पर तैयार किया डॉक्यूड्रामा ‘पुअर कजन्स ऑफ मिलियन डॉलर बेबीज’ सुर्खियों में रहा था। उन्होंने कहा कि उनकी भविष्यवाणी का आधार मिताली-झूलन और हरमनप्रीत की तिकड़ी है, जो इस बार तुरुप का इक्का साबित हो सकती हैं। इनमें मिताली राज के पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज होने के अलावा 100 से ज्यादा मैचों में कप्तानी करने का अनुभव है। वहीं महान तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी के पास वनडे में सबसे अधिक विकेट लेने का विश्व रिकॉर्ड है, जबकि हरमनप्रीत इस खेल में नयी सनसनी हैं. जिन्होंने दो टेस्ट, 49 वनडे और 53 ट्वंटी-20 मैचों में खुद को इस खेल की दिग्गज खिलाड़ी साबित किया है। बिग बैश लीग में इनकी प्रतिभा का लोहा हर कोई मान चुका है।

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