बिहार में 2969 मेगावाट सौर उर्जा लक्ष्य हासिल करने के लिए नई नीति मंजूर

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पटना 23 मई, बिहार में लोगों को बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध नीतीश सरकार ने वर्ष 2022 तक 2969 मेगावाट सौर ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने के उद्देश्य से आज बिहार नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की संवर्द्धन नीति 2017 को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि बिहार नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की संवर्द्धन नीति 2017 लागू होने से बिजली की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से राज्य में वर्ष 2022 तक स्वच्छ ऊर्जा के मूल स्रोत 2969 मेगावाट सौर ऊर्जा, 244 मेगावाट जैव ईंधन तथा 220 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा। 


श्री मेहरोत्रा ने बताया कि नई नीति के तहत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में विदेशी कंपनी सहित निजी क्षेत्र की कंपनियों से निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से ग्रिड कनेक्शन के साथ ही विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा की परियोजनाओं की स्थापना के लिए समुचित माहौल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। साथ ही इस नई नीति का उद्देश्य कृषि, उद्योग, वाणिज्य एवं घरेलू क्षेत्र खासकर ग्रामीण इलाकों में अक्षय ऊर्जा उपलब्ध कराकर बिजली की गुणवत्ता में सुधार लाना भी है। प्रधान सचिव ने बताया कि सौर परियोजनाओं से विद्युत उत्पादन करने के लिए सोलर पर्चेज ऑब्लिगेशन के अंतर्गत 38 मेगावाट तथा प्रतिस्पर्द्धी बिडिंग के माध्यम से 100 मेगावाट के करार पर हस्ताक्षर किया गया है। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए जबतक बिहार नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की संवर्द्धन नीति 2017 लागू नहीं हो जाती तब तक इस क्षेत्र के पहले से लागू बिहार नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की संवर्द्धन नीति 2011 जारी रहेगी। 
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