भविष्य में वीवीपैट के साथ होंगे चुनाव , हैकिंग साबित करने की आयोग की चुनौती

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नयी दिल्ली, 12 मई, चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर उठे विवाद को देखते हुए लोकसभा और विधानसभा के चुनाव पूरी तरह वीवीपैट के साथ करायेगा और वीवीपैट से निकली पर्चियाें के कुछ प्रतिशत की गिनती भी करायेगा, आयोग ने ईवीएम को ‘फूलप्रूफ’ बताते हुए हैक करने के दावे को साबित करने के लिए राजनीतिक दलों को खुलेआम चुनौती दी है, आयोग ने इस प्रतियोगिता की कोई तिथि नहीं बतायी।  मुख्य चुनाव आयुक्त डा. नसीम जैदी ने ईवीएम मशीन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर उठे विवाद को देखते हुए राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों की आज चली मैराथन बैठक के बाद संवाददाताओं को यह जानकारी दी । उन्होंने बताया कि आयोग ने चुनाव एवं फंडिंग को और पारदर्शी बनाने के वास्ते रिश्वत और धनबल के प्रयोग को संज्ञेय अपराध बनाने के लिए जनप्रतिनिधित्व कानून तथा आयकर कानून में संशोधन करने का प्रस्ताव किया है । डा जैदी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं के भविष्य में होने वाले चुनावों में वीवीपैट के शत प्रतिशत इस्तेमाल काे सुनिश्चित किया जाएगा और आयोग यह तय करेगा कि कितने वीवीपैट की पर्ची की गिनती की जाएगी और इसके लिए एक प्रारूप तैयार किया जाएगा । आयोग इन सुझावों को सुनने के लिए तैयार है कि ईवीएम में कैसे और सुधार किया जा सके और उसे सुरक्षित बनाया जा सके । उन्होंने भिंड और धौलपुर मे ईवीएम मशीन में गडबडी की शिकायतों को भी बेबुनियाद बताया और कहा कि इन जगहों पर मतदान में कोई पक्षपात नहीं किया गया । उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से यह अनुरोध भी किया कि वे ईवीएम को सील किये जाने , माक चुनाव और चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने तथा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने मे सहयोग दें । आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सभी राजनीतिक दलों से दूरी बनाकर रखता है और कोई दल उसका पसंदीदा नहीं है । यह एक तटस्थ संस्था है इसलिए दुनिया में उसकी प्रतिष्ठा बनी है । सुबह दस बजे से शुरू हुई इस बैठक में सात राष्ट्रीय राजनीतिक दलों और 35 क्षेत्रीय दलों ने भाग लिया। बैठक शाम करीब साढे पांच बजे समाप्त हुई। श्री जैदी ने बताया कि करीब साढे सात घंटे चली बैठक में ईवीएम मशीन को लेकर आयोग के महानिदेशक सुदीप जैन ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण पेश किया जिसमें ईवीएम की कार्यप्रणाली ,उसके डिजायन और उसे सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक कदमों की भी जानकारी दी गई। इसमें यह भी दिखाया गया कि मशीन को हैक नहीं किया जा सकता है और यह पूरी तरह सुरक्षित है । आयोग ने इन दलों से यह भी कहा कि वह उन्हें इन मशीनों को हैक करने की खुलेआम चुनौती देता है । इसके लिए जल्द ही एक ‘चैलेंज प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जाएगा । इस प्रतियोगिता में हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल मशीनों को भी रखा जाएगा । उन्हें इसे हैक करके दिखाना होगा ।

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