विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 22 मई

पंडित दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष के ‘‘लोगो’’ का उपयोग

वर्ष 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मनाए जाने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा दिशा निर्देश जारी किए गए है। तदानुसार समस्त शासकीय आयोजनों के बैनरों, पत्राचार में उपयोग आने वाली स्टेशनरी एवं विज्ञापन आदि में पंडित दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष के ‘‘लोगो’’ का उपयोग किया जाए।

जिले की बेवसाइट को अपडेट करें-कलेक्टर

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कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने आज लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान कहा कि जिले की बेवसाइट को अपडेट बनाए रखें। अनेक विभागों के द्वारा नवीन जानकारियां दाखिल नही कराई गई है। उन्होंने हितग्राहीमूलक योजनाओं की अद्यतन प्रगति के डाटा को भी बेवसाइट में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों की डायरेक्ट्री भी तैयार की जाए। कलेक्टर श्री सुचारी ने मत्स्य विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि कुरवाई के बडोह तालाब की लीज राशि संबंधित के द्वारा अब तक जमा नही कराई गई है। लीज निरस्त करने की कार्यवाही क्रियान्वित की जाए। इसी प्रकार अब तक सायलो उपार्जन केन्द्र पर परीक्षण हेतु लिए गए गेहूं की मात्रा का हिसाब सायलो प्रभारी से लिया जाए और उस गेहूं का उपयोग किसानों के हितार्थ में किया जाए। इसके अलावा सीआरएस मद में सायलो के द्वारा क्या-क्या जनहितैषी कार्य कराए गए है का ब्यौरा भी प्राप्त करने के निर्देश जिला आपूर्ति अधिकारी को दिए गए। कलेक्टर श्री सुचारी ने जिले में हस्तचलित रिक्शा चालको को ई-रिक्शा मुहैया कराने की कार्यवाही में तेजी लाने की बात करते हुए सीसीबी के सीईओ श्री विनय प्रकाश सिंह को निर्देश दिए कि जिले में अधिक से अधिक ई-रिक्शा हितग्राहियों को फायनेंस कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। कलेक्टर श्री सुचारी ने जिलाधिकारियों से कहा कि ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के तहत जिले में प्राप्त कुल आवेदनों को संबंधित विभागों के जिलाधिकारियों को आवंटित किए जा चुके है। अब जिलाधिकारियों की जबावदेंही है कि वे एक-एक आवेदन पर नियमानुसार कार्यवाही कर उनका निराकरण कराएं। ऐसे आवेदन जो विषम परिस्थितियों में लंबित रहेगे उन आवेदनों पर स्पष्ट कारण अंकित कराया जाए और कि गई समुचित कार्यवाही बेवसाइट पर अपलोड कराने के साथ-साथ जिला मुख्यालय एवं जनपदों को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए। ताकि आगामी ग्रामसभा में आवेदनकर्ताओं को की गई कार्यवाही का वाचन कर अवगत कराया जा सकें। जिला कोषालय अधिकारी श्री एके परिहार ने वेतन आहरण हेतु इजात किए गए नए साफ्टवेयर की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मई पेड जून का वेतन नवीन साफ्टवेयर के आधार पर ही आहरण किया जाएगा। इसी प्रकार कर्मचारियों के स्थानांतरण हेतु अब आॅन लाइन आवेदन की अनिवार्यतः की गई है। ऐसे कर्मचारी जो स्वंय के व्यय से अपना स्थानांतरण कराना चाहते है वे जिला कोषालय के संज्ञान में लाते हुए विभाग प्रमुख को आवेदन प्रेषित कर सकते है। इस प्रकार की कार्यवाही जिले के अन्दर और जिले के बाहर स्थानांतरण के दोनो मामलों में क्रियान्वित की जाएगी।  बैठक में श्रम, कृषि, खनिज, आधार कार्ड, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग के लंबित आवेदनों पर गहन समीक्षा की गई। इसके अलावा बैठक में जाति प्रमाण पत्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की गई। वही वरिष्ठ कार्यालयों के साथ-साथ मानव अधिकार आयोग, पीजी सेल, समाधान आॅन लाइन और जन शिकायत निवारण के प्राप्त आवेदनों और पेपर कंटिग पर अब तक संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाहियों की बिन्दुवार जानकारियां प्रस्तुत की गई। कलेक्टेªट के सभाकक्ष में हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री एचपी वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री एके मांझी के अलावा समस्त विभागों के जिलाधिकारी मौजूद थे। 


मलेरिया निरोधक गतिविधियों का क्रियान्वयन

आगामी जून माह को मलेरिया निरोधक माह के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए सम्पूर्ण जून माह में जगह-जगह मलेरिया, डेंगू, चिकिनगुनिया की रोकथाम के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आमजनों को प्रदर्शनी, प्रचार-प्रसार एवं रथ के माध्यम से मलेरिया, डेंगू और चिकिनगुनिया के कारण, बचाव, रोकथाम और पीड़ितों की रक्तपट्टिका लेने और रोगोपचार की दवाईयां निःशुल्क मुहैया कराई जाएगी। अंर्तविभागीय समन्वय पर आज एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्टेªट के सभाकक्ष मंे किया गया था जिसमें संबंधित विभागों के जिलाधिकारियोें को दायित्वों से अवगत कराया गया। कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने कार्यशाला में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं अनुविभाग स्तर पर भी आयोजित की जाए ताकि ग्रामीण अमले को भी भलीभांति जानकारियां प्राप्त हो सकें। कार्यशाला के माध्यम से जो अपेक्षाएं और जिम्मेदारियां जिन विभागो को सौंपी गई है वे इसका अक्षरशः क्रियान्वयन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम गतवर्ष मलेरिया, चिकिनगुनिया और डेेंगू के नियंत्रण हेतु कृतसंकल्पित रहे ठीक वैसे ही इस वर्ष कार्यवाही की जाए। कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि आमजनों तक मलेरिया होने के कारणों और उपायों की जानकारी सुगमता से पहुंचे इसके लिए हाट बाजारों में जनजागरूकता कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र का अमला संयुक्त समन्वय स्थापित कर अभियान का क्रियान्वयन करें। जिला मलेरिया अधिकारी श्री एचआर अहिरवार ने बताया कि मलेरिया कार्यालय में काॅम्बेट टीम का गठन किया जा चुका है जिला मुख्यालय के साथ-साथ समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों पर कंट्रोल रूम एक जून से प्रभावशील हो जाएंगे। आमजनों तक मलेरिया रोधक मासांत के दौरान होने वाली गतिविधियों की जानकारी देने और प्रचार-प्रसार के उद्वेश्य से मलेरिया रथ भ्रमण करेंगा। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं एवं आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा मलेरिया रक्त पट्टी संग्रह का कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार जिले के समस्त सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के क्षेत्रों मे लार्वा सर्वे दल का गठन किया गया है। कार्यशाला में मलेरिया क्या है, कैसे फैलता है, मलेरिया बीमारी के लक्षण, बुरे असर, मलेरिया फैलाने वाले मच्छर का जीवन चक्र, मच्छर कहां पैदा होते है और उनके रोकने के उपाय, मच्छरों से स्वंय का बचाव कैसे करें। यदि किसी व्यक्ति को मलेरिया होने की संभावना है तो उपचार हेतु चिकित्सक से सम्पर्क करने की सलाह दी गई। इसी प्रकार जल संचय क्षेत्रों में लार्वाभक्षी गम्बूशिया मछली छोड़ने की कार्यवाही करने के साथ-साथ डेंगू एवं चिकिनगुनिया कैसे होता है एवं बचाव के उपाय इत्यादि पर विस्तारपूर्वक जानकारियां एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से बतलाई गई। कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री एचपी वर्मा, डिप्टी कलेक्टर द्वय श्री मनोज कुमार वर्मा, श्री एके मांझी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ बीएल आर्य समेत समस्त बीएमओ और विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी मौजूद थे।

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