झारखंड के किसान जायेंगे इजराईल , बंजर भूमि में खेती के गुर सिखेगें

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रांची 10 जून, झारखंड के मुख्यमत्री रघुवर दास ने आज कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के सभी जिले से किसानों के पांच-पांच प्रतिनिधियों को उन्नत कृषि की जानकारी लेने के लिए दक्षिण पश्चिम एशियाई देश इजराईल भेजेगी। श्री दास ने यहां जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, रांची में आयोजित ‘किसान मेला-सह- कृषि जागृति अभियान-2017’ के शुभारम्भ कार्यक्रम के मौके पर कहा कि प्रदेश के किसान इजराईल जाकर वहां बंजर भूमि में किये जा रहे कृषि कार्य की जानकारी प्राप्त करेंगे। उन्होंने राज्य के प्रत्येक प्रखण्ड के 5-5 आर्या/कृषक मित्र/मत्स्य मित्र/बागवानी मित्र को स्मार्ट फोन देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में बेहतर काम करने वाले 3-3 मित्रों को मोटरसाईकिल दिया जाएगा और कृषक मित्र को दिये जा रहे छः हजार (6000) रुपये वार्षिक मानदेय राशि को दिसंबर में प्रस्तुत होने वाले अगले वर्ष के बजट में बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन वर्षों में झारखण्ड के सभी किसानों का मृदा स्वास्थ्य कार्ड बन जाएगा। मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनने से जमीन की आवश्यकता के अनुरूप किसान खादों का प्रयोग कर सकेंगे। जोहार योजना के तहत गांव में महिला किसानों को प्रशिक्षित किया जाना है। श्री दास ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। इसमें से अधिकांश लोग कृषि तथा इससे संबंधित कार्यों से जुड़े हैं। राज्य सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। आजादी के बाद से देश में औद्योगिकीकरण एवं सिंचाई की बड़ी-बड़ी योजनाओं एवं बांध बनाने की परिकल्पना पर कार्य किया गया लेकिन इससे सभी किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचा। वर्तमान सरकार छोटी-छोटी सिंचाई योजनाओं को निश्चित समय-सीमा में कार्यान्वित करने की अवधारणा पर काम करते हुए किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाएगी। 


श्री दास ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों की अधिकता से प्रदेश के खेतों की उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। सरकार अधिक से अधिक जैविक खाद के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि जैविक खाद बनाने में पशुपालन से भी काफी लाभ होगा। राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत अनुदान पर 50,000 गरीब महिलाओं के बीच गाय वितरण का लक्ष्य रखा है। इससे झारखण्ड दुग्ध उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बन सकेगा। उन्होंने कहा कि जैविक खाद के अतिरिक्त कचरा से कम्पोस्ट (खाद) बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंजर भूमि में किसान सोलर फार्मिंग भी कर सकते हैं। इससे उत्पादित बिजली को सरकार खरीदेगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड के वैसे किसान जिनके पास छोटे-छोटे पठारी भूखंड हैं और वहां पर ट्रैक्टर से खेती करना संभव नहीं है, तो हम सभी को सोचना चाहिए कि क्या वहां पर हम बैल से खेती कर सकते हैं। प्रदेश के सब्जी उत्पादक किसानों को भी उनकी उपज का उचित मूल्य मिले इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के लिए जहां फूड प्रोसेसिंग प्लांट तो बनाया ही जा रहा है, वहीं निर्यात की सम्भावना भी तलाशी जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव के समृद्ध होने से हम अपनी गौरवशाली संस्कृति को एक बार फिर से विश्व मानचित्र पर स्थापित कर सकेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने फसल बीमा योजना के लाभुकों को चेक प्रदान किया। उन्होंने प्रतीक स्वरूप कृषकों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उरद/अरहर/धान के बीजों का वितरण, मत्स्य उत्पादकों के बीच चारा इत्यादि का वितरण भी किया। बिजनेस कॉरोस्पोंडेंट के बीच माईक्रो ए0टी0एम0 का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह, रांची सांसद रामटहल चौधरी, कांके विधायक डॉ0 जीतू चरण राम, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव अमित खरे समेत अन्य पदाधिकारी के साथ ही राज्य के सभी जिलों से आए कृषक/कृषक मित्र/पशु मित्र उपस्थित थे। 

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