सीएम साहब आप भी हिसाब दे दीजिए : रविशंकर

ravishankar-ask-nitish-give-work-detai9l
बिहारशरीफ 12 जून, केंद्रीय विधि एवं न्याय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुये आज कहा कि केंद्र सरकार अपने विकास कार्यों का ब्यौरा जनता को दे रही है तो ‘सीएम साहब आप भी हिसाब दे दीजिए।’ श्री प्रसाद ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर यहां आयोजित ‘सबका साथ, सबका विकास’ सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा, “राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होकर श्री कुमार तथाकथित ईमानदार लोगों के साथ काम कर रहे हैं लेकिन आज तक राज्य में कोई बड़ा निवेश नहीं हुआ और न ही कोई नया विश्वविद्यालय ही खुल पाया। हम तो अपने कार्यो का हिसाब दे रहे हैं, सीएम साहब आप भी हिसाब दे दीजिए।” केंद्रीय मंत्री ने केंद्र द्वारा किसानों के हित के लिए किये कार्यों का ब्यौरा देते हुये कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए कृषि क्षेत्र में विज्ञान, तकनीक एवं सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए फसल बीमा योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। श्री प्रसाद ने कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बरकरार रखने के उद्देश्य से किसानों के लिए मृदा हेल्थ कार्ड योजना की शुरुआत की गई हैं। इस योजना के तहत बिहार के 38.59 लाख किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया गया है। मृदा की जांच के लिए राज्य में छह प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल सुलभ और पूरी पारदर्शिता के साथ बेचने में मदद देने के लिए डिजिटल मार्केट बनाया गया है जिससे बिहार की 14 मंडियां जुड़ गयी हैं। 



केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। भारत दुग्ध उत्पादन में विश्व में शीर्ष पर है। बिहार में डेयरी उद्योग के तीव्र विकास के लिए 18 करोड़ 30 लाख रुपये दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में छोटे-छोटे शहरों में बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) खोले जा रहे हैं। पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर में बीपीओ खोले जा चुके हैं। बिहार में बीपीओ में 4600 सीटें हैं। उन्होंने नालंदा में भी एक बीपीओ खोलने भरोसा दिया है। श्री प्रसाद ने कहा कि देश की आबादी 125 करोड़ की है, जिनमें से 108 करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन है और 50 करोड़ लोग मोबाइल पर इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। 115 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड हैं। आने वाले वर्षों में छह करोड़ परिवारों को डिजिटल साक्षर बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में 16 लाख 83 हजार परिवारों को डिजिटल साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान देश में 72 मोबाइल विनिर्माण कंपनियां आयी है। केंद्र सरकार लोगों को नौकरी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार देने के प्रयास में जुटी है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र, कॉमन सर्विस सेंटर और मनरेगा के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। 

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...