बेतिया महाराज की 3.5 लाख एकड़ जमीन का हिसाब दे: कुणाल

  • चंपारण स्पेशल लैंड ट्रिब्यूनल का गठन करे सरकार

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पटना 13 जुलाई, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है गरीबों के आंदोलनों के दबाव में पश्चिम चंपारण के हरिनगर चीनी मिल के गवन्द्रा फार्म की 5200 एकड़ में सरकार ने 4365 एकड़ जमीन को सीलिंग से फाजिल माना है. इस जमीन को गरीबों-भूमिहीनों में अविलंब वितरित किया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि हरिनगर चीनी मिल के अन्य फार्मों को मिलाकर दसियों हजार एकड़ सीलिंगवाद की जमीन मिल के पास है. इस जमीन पर भी सरकार को अविलंब कार्रवाई करनी चाहिए और उसे अपने कब्जे में लेकर गरीबों के बीच उसका पुनविर्तरण करना चाहिए.  विदित है कि  हरिनगर चीनी मिल के पास अतिरिक्त जमीन की शिनाख्त प्रशासन द्वारा बहुत पहले किया जा चुका है, कोर्ट का फैसला भी सीलिंग की जमीन का वितरण करवाने के संबंध में है, लेकिन अब तक गरीबों को जमीन नहीं मिल पाई है. इसके वितरण के सवाल पर पिछले दिनों भाकपा-माले ने रामनगर अंचल कार्यालय पर भूमि अधिकार सत्याग्रह का आयोजन किया था. उन्होंने कहा कि भूमि का संकेन्द्रण देखते हुए चंपारण में विशेष भूमि न्यायाधिकरण का गठन किया जाना चाहिए. साथ ही सरकार को बेतिया महाराज की 3.5 लाख एकड़ जमीन का भी हिसाब देना होगा, जिसे मिल मालिकों ने प्रशासन के साथ हेराफेरी करके अपने कब्जे में कर लिया है.  उन्होंने यह भी कहा कि चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष पर नीतीश सरकार दिखावा न करे बल्कि गरीबों-भूमिहीनों के लिए ठोस उपाय करे.

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