श्रीनगर मेेेें कर्फ्यू जैसी पाबंदिया, जन-जीवन प्रभावित

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श्रीनगर, 28 जुलाई, जम्मूूूू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के शहर-ए-खास और पुराने इलाके में जुमे की नमाज के बाद किसी किस्म के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियातन कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगा दी गयी हैं। अधिकारियों ने यूनीवार्ता को बताया कि प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) द्वारा कल जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने, पुरानी बस्ती और शहर-ए-खास में लगातार कर्फ्यू लगाने और कथित तौर पर निर्दोष लोगों की हत्या के खिलाफ राजभवन तक मार्च निकालने की कोशिश के एक दिन बाद यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर जिले के नौहट्टा, एम आर गंज, रैनावाड़ी, खानयार और सफकदल थाना क्षेत्रों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। सुरक्षा बलों ने सभी प्रमुख मार्गों को कंटीले तारों से बंद कर दिया है और लोगों को अपने-अपने घरों मेंं रहने को कहा गया है। मीरवाइज उमर फारूक के गढ़ में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद का मुख्य द्वार फिर से बन्द कर दिया गया है। बुलेट प्रूफ जैकेट पहने सैंकड़ों हथियारबंद पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल मस्जिद के बाहर तैनात हैं। जामिया मार्केट में भी बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवान तैनात कर दिये गये हैं और उस इलाके में आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गयी है। परिमपोरा से खान्यार जाने वाले मुख्य मार्ग नल्लाहमार मार्ग को भी कई स्थानों पर कंटीले तारों से बंद कर दिया गया है। सुरक्षाबलों ने शहर की मुख्य बस्ती और शहर-ए-खास के अलावा राजौरी कदल, नवा कदल, रंगार स्टॉप, नौहट्टा और जाइना कदल पर वाहनों और राहगीरों का आवागमन रोकने के लिये नाका स्थापित किए गये हैं। एस. के. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जाने वाले मार्ग को मरीजों, एम्बुलेंस या पैरामेडिकल स्टाफ को जाने के लिए खोला गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता ने कल कहा था कि महंगाई बढ़ने, जुमे के दिन ऐतिहासिक जामा मस्जिद को बन्द रखने, बार-बार कर्फ्यू लगाने और निर्दोषों की मौतों के विरोध में राजभवन तक मार्च निकाला गया है।

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