नीतीश को सरकार बनाने के आमंत्रण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई अब सोमवार को

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पटना 28 जुलाई, पटना उच्च न्यायालय ने श्री नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दावे को दरकिनार करते हुये श्री कुमार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोग से फिर से सरकार बनाने का आमंत्रण दिये जाने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन एवं न्यायाधीश ए. के. उपाध्याय की खंडपीठ ने अाज राजद विधायक सरोज यादव और चंदन वर्मा की ओर से इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद अगली सुनवाई की तिथि 31 जुलाई (सोमवार) निर्धारित की है। बिहार सरकार, राज्यपाल और चुनाव आयोग के अधिवक्ता को याचिका की प्रति उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। याचिका में 26 जुलाई को श्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सरकार बनाने के लिए सबसे अधिक (80) विधायकों वाली पार्टी राजद के दावे को नजरअंदाज कर श्री कुमार की अगुवाई वाले गठबंधन राजग को मौका देने के राज्यपाल के निर्णय को चुनौती दी गई है। श्री कुमार ने इस्तीफा देकर पहले महागठबंधन से नाता तोड़ा और उसके कुछ घंटे के भीतर ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राजग के सहयोग से सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने एस. आर. बोम्मई मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुये अदालत से अनुरोध किया कि बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी राजद को सरकार बनाने का मौका देने के लिए राज्यपाल को निर्देश दिया जाये। 

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