वही समुदाय महान है जो समाज के विकास के लिए चिंतित है, संपप्र का विकास ही हुल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि-राज्यपाल

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) हुल दिवस (30 जून) के अवसर पर जनजातीय समुदाय के बुद्धिजीवियों के साथ संवाद सह मिलन कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल, झारखण्ड द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि संथाल हुल व इसके नायकों सिदो, कान्हु, चांद, भैरव के प्रति यह देश कृतज्ञ है। राज्यपाल ने कहा कि संथाल परगना व जनजातीय समुदाय के विकास/खुशहाली में ही संथाल हुल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि निहित है। जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा दिये गये सुझावों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि आप जहां रहते हैं उस क्षेत्र के विकास के प्रति चिंतित हैं। किसी क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब उसके विकास में स्थानीय समुदाय की चिंता सम्मिलित हो। जिन समस्याओं की ओर आपने संकेत किया है, उनमें से कुछ केन्द्र सरकार तो कुछ राज्य सरकार समाधान करेगी किन्तु बहुत सी ऐसी समस्या है जिन्हें हम सबको मिलकर ग्रामस्तर पर पहल करनी होगी। सशक्त गांव होगा तभी सशक्त देश बनेगा। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है तथा जो शेष है उसे भी जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा। डीसी दुमका मुकेश कुमार ने स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है की 1855 के संताल हुल का शुभारंम संथाल परगना की धरती से हुआ और सफल रहा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल श्रीमती मुर्मू आम जनता की समस्याओं व उनके विकास के प्रति संवेदनशील हैं और सदैव इसके लिए तत्पर रहती है। इससे पहले संथाली समुदाय के बुद्धिजीवियों ने कुछ समस्याओं की ओर अपनी बात रखते हुए सुझाव भी दिया। महत्वपूर्ण सुझावों में संथाल कल्चलर ऐडुकेशन में प्राइमरी शिक्षकों के साथ-साथ पुस्तक की व्यवस्था करने, प्रत्येक विद्यालयों में संथाली भाषा का पाठ्यक्रम निर्धारित कर उसकी पढ़ाई अनिवार्य करने, हाईकोर्ट के एक्सटेन्स ब्रांच को यथाशीघ्र पूरा करने, आदिवासियों की जमीन के अवैध तरीके से कब्जा करने पर रोक लगाने, जनजातीय शोध संस्थान को सक्रिय व कार्यशील बनाने, स्वास्थ्य सुविधा की कमी को देखते हुए जीएनएम, बीएससी नर्सिंग की ट्रेनिंग शुरु करने, जिले के आदिवासी आवासीय विद्यालय में पठन-पाठन के स्थिति में सुधार एवं $2 की पढ़ाई जल्द शुरु करने, संथाल परगना से महिलाओं व पुरुषों के पलायन को रोकने, पानी-बिजली की समस्या को दुरुस्त करने, आदिवासी महिलाओं के विकास के लिए लघु एवं कुटीर उद्योग को बढावा देने, जिले में मलेरिया, ब्रेन मलेरिया, टीबी इत्यादि के उपचार कार्य को वृहत स्तर पर करने जैसे प्रस्ताव राज्यपाल के समक्ष रखे गए। दुमका में 10 वीं परीक्षा का परिणाम काफी अच्छा है परंतु $2 में विज्ञान का परिणाम काफी विचारणीय है। काॅलेज का सत्र काफी लेट चल रहा है इसपर भी ध्यान देने की जरुरत है। मिलन समारोह सह संवाद कार्यक्रम की शुरुआत निर्मला टुडू एवं चन्द्रमोहन हांसदा के द्वारा फूलों का गुलदस्ता देकर तथा विजय टुडू, रसिक बास्की द्वारा हुल समाज पत्रिका प्रदान कर किया गया। सभी ग्राम प्रधानों ने अपना-अपना परिचय राज्यपाल को दिया गया। इसके उपरांत बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र संबंधी समस्याओं एवं उनका निदान बताया गया।

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