विशेष : मिनी कुंभ के नाम से मशहूर मथुरा का मुडिया पूनो मेला चार जुलाई से

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मथुरा, 02 जुलाई, मिनी कुंभ के नाम से मशहूर उत्तर प्रदेश में मथुरा का मुड़िया पूनो मेला शुरू होने के पहले ही तीर्थयात्रियों में परिक्रमा करने की होड़ लग गई है और अब तक लगभग दो लाख श्रद्धालु परिक्रमा कर चुके हैं। गोवर्धन में लगने वाला मुड़िया पूनो मेला वैसे तो चार जुलाई से शुरू होकर नौ जुलाई तक चलेगा, पर मेले में भीड़भाड़ से बचने के लिए तीर्थयात्रियों ने तीन दिन पहले से ही परिक्रमा शुरू कर दी है। इस मेले में लगभग डेढ़ करोड़ तीर्थयात्रियों के भाग लेने की संभावना है। जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी ने मेले की व्यवस्थाओं को कल पैदल चलकर देखा और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मेले की व्यवस्थाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। कहीं-कहीं पर जो कमियां हैं उन्हें दूर करने को कहा गया है। मुड़िया पूनो मेला ठाकुर की भक्त पर कृपा का प्रसाद है और इस बात का प्रमाण है कि अगर भगवत आशीर्वाद लेना है तो समर्पण का कोई विकल्प नही है। यह मेला गौड़ीय सम्प्रदाय के भक्त सनातन गोस्वामी की श्रीकृष्ण भक्ति का जीवन्त उदाहरण है। तीन विषयों में एम0ए0 और तीन भाषाओं के प्रकांड विद्वान महामंडलेश्वर स्वामी डा0 अवशेषानन्द ने बताया कि इतिहास साक्षी है कि सनातन गोस्वामी वृन्दावन से रोज 35 किलोमीटर पैदल चलकर गोवर्धन की परिक्रमा करने के लिए आते थे। वे गोवर्धन की परिक्रमा समेत रोज लगभग 93 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते थे। जब वे वृद्ध हो गए तो एक बार वे गोवर्धन की सप्तकोसी परिक्रमा करने के दौरान थककर बैठ गए। स्वामी डा0 अवशेषानन्द ने बताया कि इसके बाद ठाकुर ने एक शिला को सनातन गोस्वामी को दे दिया और कहा कि वृन्दावन में वे जहां पर रहते हों वहीं पर वे इस शिला को रख लेंगे तथा इसकी रोज चार परिक्रमा करेंगे तो उनकी गोवर्धन की एक परिक्रमा पूरी हो जाएगी।


आज भी यह शिला वृन्दावन के राधा दामोदर मंदिर में रखी है तथा वृन्दावनवासी तड़के तीन बजे से इस शिला की परिक्रमा शुरू कर देते हैं। किसी कारण जो परिक्रमार्थी समयाभाव के कारण श्रीगिर्राज की सप्तकोसी परिक्रमा नही कर पाते वे विभिन्न गिर्राज मंदिरों में मुख्य विग्रह की चार परिक्रमा कर भगवत आशीर्वाद ग्रहण करते हैं। मुड़िया पूनो मेले में श्रीगिर्राज की परिक्रमा करने की होड़ सी लग जाती है तथा प्रशासन के लिए यह मेला चुनौती सा बन जाता है। मेले में तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसलिए बड़ी परिक्रमा की शुरूआत से रामानन्द आश्रम तक पक्की सड़क पर बालू बिछा दी गई है। जहां कच्ची परिक्रमा के गड्ढों को भर दिया गया है वहीं पक्की परिक्रमा पर आश्रमों के बहते पानी को रोक दिया गया है। जिलाधिकारी बंगारी ने बताया कि वैसे तो राज्य विद्युत परिषद से मेले के दौरान अनवरत बिजली की आपूर्ति करने को कहा गया है लेेकिन यदि किसी कारण से परिक्रमा मार्ग के किसी क्षेत्र की बिजली जाती है तो विकल्प के रूप में सोलर लाइट का जलना सुनिश्चित किया गया है। तीर्थयात्रियों को गोवर्धन ले जाने और लाने के लिए 1500 बसें लगाई गई है तथा मथुरा गोवर्धन के सीधे मार्ग पर निजी वाहनों का चलना बंद कर दिया गया है। ऐसे वाहन अब सोंख रोड होकर ही गोवर्धन आ जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि गोवर्धन पहुंचने के प्रत्येक मार्ग पर गोवर्धन में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। तीर्थयात्रियों को शुद्ध खाद्य पदार्थं मिले इसके लिए छापेमारी की जा रही है। डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक कुंड में स्नान करने पर रोक लगा दी गई है और बैरीकेडिंग कर दी गई है। मेले में इस प्रकार की व्यवस्था की गई है कि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और भीड़ बढ़ने के बावजूद मेला सुचारू रूप से चलता रहे।

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