नीतीश ने कुर्सी के लिए भ्रष्टाचारियों से किया समझौता : सुशील कुमार मोदी

nitish-compromise-with-corruption-sushil-modi
पटना 19 जुलाई, बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के इस्तीफे को लेकर सत्तारूढ़ महागठबंधन में चल रही खींचतान के बीच आज कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बतायें कि श्री यादव से मुलाकात के बाद वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम हैं या कुर्सी बचाने के लिए समझौता कर लिया है।  श्री मोदी ने यहां कहा, “मुख्यमंत्री श्री कुमार को यह बताना चाहिए कि उप मुख्यमंत्री श्री यादव से बंद कमरे में मुलाकात के बाद वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टाॅलरेंस की नीति पर कायम हैं या कुर्सी बचाने के लिए उन्होंने समझौता कर लिया है। इसके बाद भी क्या मुख्यमंत्री यह कहेंगे कि बिहार में मैं रहूंगा या भ्रष्टाचारी।” भाजपा नेता ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से महागठबंधन के बड़े घटक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के राजधानी पटना स्थित सरकारी आवास सहित 12 ठिकानों पर हुई छापेमारी और उप मुख्यमंत्री श्री यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये 12 दिन बीत चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी भ्रष्टाचार के आरोपों पर जनता को बिन्दुवार सफाई नहीं देने वाले श्री तेजस्वी प्रसाद यादव को क्या मुख्यमंत्री श्री कुमार ने अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने का इरादा छोड़ दिया है। 


श्री मोदी ने कहा कि मंगलवार को जिस तरह से उप मुख्यमंत्री श्री यादव राज्य में राजद कोटे के मंत्रियों के काफिले के साथ मंत्रिमंडल की बैठक में पहुंचे मानो वह मुख्यमंत्री श्री कुमार को धमकी दे रहे थे कि पूरी पार्टी उनके साथ है और श्री कुमार उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। भाजपा नेता ने कहा कि महागठबंधन के अन्य घटक कांग्रेस राजद अध्यक्ष श्री यादव पर भ्रष्टाचार के मामले में कभी कोई दबाव नहीं बना सकती है क्योंकि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जैसे लोग कांग्रेस के आदर्श हैं, जो सीबीआई की छापेमारी और प्रवर्तन निदेशालय के मुकदमे के बावजूद कुर्सी पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा, “10 दिन पहले मुझ पर मानहानि का मुकदमा करने की धमकी देने वाले राजद अध्यक्ष आज तक मुकदमा करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाये। श्री मोदी ने राज्यसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती को दलित समुदाय से जुड़े प्रश्न नहीं पूछने देने के बाद उनके इस्तीफा देने पर कहा कि राजद अध्यक्ष श्री यादव बोलने नहीं देने का आरोप लगा कर राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली सुश्री मायावती को पुन: संसद के ऊपरी सदन भेजने का लाॅलीपाॅप दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो को राज्यसभा भेजने की घोषणा करने वाले राजद अध्यक्ष श्री यादव के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुये छह से अधिक नरसंहाराें में सैकड़ों दलित गाजर-मूली की तरह काटे गए थे। उन्होंने कहा कि दलितों को आरक्षण दिए बिना ही श्री यादव ने अपने कार्यकाल में पंचायत का चुनाव करा दिया और अब वह दलितों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। 
Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...