लोकसभा चुनाव जीतने के लिए विपक्षी एकता महत्वपूर्ण : नीतीश कुमार

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पटना 03 जुलाई, बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए अपने को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के दौर से बाहर बताते हुए कहा कि ..चेहरा.. की बजाए चुनाव जीतने के लिए साझा कार्यक्रम पर आधारित विपक्षी एकता ज्यादा महत्वपूर्ण है । श्री कुमार ने आज यहां लोक संवाद कार्यक्रम के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं और इसे वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री बनने के लिए जिनके नामों की चर्चा होती रही है वे कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाये । मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की एकता के लिए ..चेहरा.. की बजाए साझा कार्यक्रम बनाये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उन्होंने इसके लिए अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि कुछ सप्ताह पूर्व नयी दिल्ली में पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए श्री गांधी से अनुरोध किया था कि वह विपक्षी एकता के लिए साझा कार्यक्रम तैयार करने की पहल करें । 


श्री कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह इतना सक्षम नहीं हैं कि सभी विपक्षी दलों के लिए एजेंडा तय कर दें । उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक बड़ी पार्टी है इसलिए पुस्तक विमोचन के अवसर पर श्री गांधी से इसका अनुरोध किया था । मुख्यमंत्री ने वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि महागठबंधन के घटक दलों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तुलना में ज्यादा एकता थी । उन्होंने कहा कि महागठबंधन के घटक दलों ने न केवल साझा कार्यक्रम पर चुनाव लड़ा था बल्कि एक साथ उम्मीदवारों की भी घोषणा की थी । राजग में ऐसा नहीं देखा गया था और वे अंत तक उम्मीदवार की घोषणा करते रहें । श्री कुमार ने कहा कि महागठबंधन के घटक दलों को साझा कार्यक्रम पर चुनाव लड़ने का लाभ मिला और बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत मिली । उन्होंने कहा कि इसके उलट राजग सिर्फ प्रतिक्रिया देने तक ही अपने एजेंडे को सीमित रखा जिसके कारण जनता ने उन्हें नकार दिया । 

मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक है और किसी तरह की नूरा कुश्ती नहीं हो रही है । उन्होंने अपने ही अंदाज में कहा कि मीडिया में नूरा रिपोर्टिंग जरुर हो रही है । श्री कुमार ने कहा कि महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से पटना में 27 अगस्त को आयोजित की जाने वाली रैली में निमंत्रण मिलने पर वह जरुर शामिल होंगे । उन्होंने स्पष्ट किया कि अनौपचारिक निमंत्रण मिल चुका है और औपचारिक निमंत्रण भी जल्द आ जायेगा । मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रपति चुनाव को बेवजह राजनीतिक मुद्दा बनाये जाने से किसानों का मुद्दा पीछे चला गया है। उन्होंने कहा कि किसान का मुद्दा किसी भी हाल में पीछे नहीं किये जाना चाहिए था क्योंकि यह एक अहम विषय है । यह भी एक चिंता की बात है कि जनता के साथ जो वादे किये गये उनका पालन नहीं हो रहा है । श्री कुमार ने केन्द्र सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के जश्न में नहीं जाने के संबंध में पूछे गये एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें निमंत्रण ही नहीं मिला । उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्रियों को भी इस समारोह में निमंत्रण दिया गया था । जीएसटी एक अच्छी व्यवस्था है और वह शुरु से ही इसके पक्ष में रहे हैं । मुख्यमंत्री ने भाजपा विधानमंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर लगाये गये आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह उनके किसी भी बयान को गंभीरता से नहीं लेते और न ही उनके बयान को पढ़ते हैं । उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि श्री मोदी का बयान मीडियाकर्मियों के लिए ही होता है। श्री कुमार ने मनेर में एसिड अटैक से हुयी एक लड़की की मौत के संबंध में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें कल ही जानकारी मिली है कि मृतक के पिता ने उन्हें आर्थिक सहायता के लिए पत्र लिखा है । उन्होंने कहा कि पटना के प्रमंडलीय आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि वह पीड़ित परिवार से मिलकर पूरी जानकारी ले और यह भी सुनिश्चित करें कि मामले की जांच सही तरीके से की जा रही है या नहीं । 

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