देश में अनुसंधान को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य: जावड़ेकर

promotion-research-in-the-country-is-our-goal-javadekarबेंगलुरु,01 जुलाई, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज कहा कि वैज्ञानिकों के बीच स्वतंत्र अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अगले तीन वर्षों के दौरान देश में विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस 20 श्रेष्ठ अनुसंधान केन्द्र होंगे, श्री जावड़ेकर ने यहां भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी)के छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य उन 20 केन्द्रों को अगले एक दशक के दौरान विश्व के 200 शीर्ष संस्थानों में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय अनुसंधान के लिए भारतीय वैज्ञानिकों को विदेश जाने से रोकने के लिए इन अनुसंधान केन्द्रों का विकास किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश में अनुसंधान एवं शोध के अलावा नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव रखा गया है। आईआईएससी में नैनो साइंस एवं इंजीनियरिंग केन्द्र का निरीक्षण करने के बाद श्री जावड़ेकर ने कहा कि इस केन्द्र की ओर से किये गये कार्य से वह काफी प्रभावित हैं और इससे ‘मेक इन इंडिया’ योजना को बढ़ावा मिलेगा। नैनो साइंस एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अनुसंधान की विभिन्न संभावनाओं का उल्लेख करते हुए श्री जावड़ेकर ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रयोगशाला में किये गये कार्य का कुछ उत्पाद सामने आये। उन्होंने व्यवसायियों से अनुसंधान के क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश करने की भी अपील की। गौरतलब है कि विश्व के सर्वश्रेष्ठ लघु विश्वविद्यालयों की श्रेणी में आईआईएससी का स्थान आठवां है जबकि मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय की ओर से जारी रैंकिंग में यह देश का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय है।

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