आरएसएस का जम्मू सम्मेलन में हिंदुत्व को मजबूत करने का अाह्वान

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जम्मू, 18 जुलाई, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जम्मू कश्मीर में आज से शुरु हुई तीन दिवसीय प्रांत प्रचारकों के सम्मेलन में देश में हिंदुत्व को मजबूत करने का आह्वान किया। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में शुरु हुई इस सम्मेलन में दाे सौ से भी अधिक पदाधिकारियों के पहुंचने की संभावना है। अखिल भारतीय पंत प्रचारक और सेह प्रचारक सम्मेलन का समाापन 20 जुलाई को होगा। विश्वसनीय सूत्रों ने  कहा,“ यहां वेद मंदिर में सम्मेलन की शुरुआत 200 से भी अधिक पदाधिकारियों के शपथ के साथ हुआ। सम्मेलन के पहले दिन जम्मू कश्मीर से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। इसके अलावा देश में हिंदुत्व को मजबूत करने पर भी मंथन शुरू हुई।” उन्होंने कहा,“ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी संबंधित राज्यों के प्रांत प्रचारकों से इसकी समीक्षा की और उनसे हिंदुत्व को मजबूत करने पर बल देने को कहा।” राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रमुख उद्देश्य घाटी में सक्रिय आतंकियों और अलगाववादियों को कड़ा संदेश देना भी है। इसके अलावा इसमें सुरक्षा राजनीति और भाजपा-पीडीपी गठबंधन को लेकर भी चर्चा की गई। 1925 में बना संघ अपने 92 वर्षाें के इतिहास में जम्मू-कश्मीर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इस बैठक में देश के समक्ष उत्पन्न प्रमुख चुनौतियों पर चिंतन और विचार विमर्श होने के साथ ही आने वाले समय में संगठन के कार्यो का लेखाजोखा तैयार किया जायेगा। जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमले के बीच ऐसा माना जा रहा है कि संघ की राष्ट्रीय बैठक में आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा और कश्मीर के हालात पर चर्चा होगी। सूत्रों ने कहा कि संघ की अखिल भारतीय बैठक में 200 से अधिक प्रांत प्रचारक जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान और चीन समेत राष्ट्र के समक्ष उत्पन्न विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठक में हिस्सा लेने के लिये संघ प्रमुख मोहन भागवत पहले ही जम्मू पहुंच गए। संघ के सरकार्यवाह भैया जी जोशी, सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सुरेश सोनी, डॉ. कृष्ण गोपाल एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी 14 जुलाई को ही जम्मू पहुंच गए। 

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