दुमका : विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला की तीसरी सोमवारी को भारी भीड़ का अनुमान, जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क

फौजदारी बाबा वासुकिनाथ के दरबार में प्रति सप्ताह रविवार, सोमवार व मंगलवार को अप्रत्याशित भीड़ का रहता है नजारा। बाबा मंदिर गर्भ गृह, पार्वती मंदिर, बाबा मंदिर निकास द्वार, शिवगंगा स्थित नया जलार्पण काउंटर,, बाबा मंदिर निकास द्वार स्थित पुराना जलार्पण काउंटर, वासुकिनाथ धाम प्रशासनिक शिविर व पानी टंकी के पास स्थापित शिविर मार्ग से ही अधिकांश डाकबमों का प्रवेश होता है मंदिर में।  भारी भीड़ की वजह से कोई चूक न हो इसके लिये अधिकारियों-कर्मचारियों व मेला ड्यूटी में तैनात कर्मियों को डीसी ने दिये कड़े निर्देश।





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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में फौजदारी बाबा वासुकिनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ प्रतिदिन अप्रत्याशित रुपों में बढ़ती ही जा रही है। प्रति सप्ताह लगातार तीन दिनों (रविवार, सोमवार व मंगलवार) तक श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव काफी ज्यादा होता है। उपरोक्त दिनों मंदिर परिसर से लगभग 5 किलोमीटर परिधि तक कावंरियों की कतार पहुंच जाती है। डीसी दुमका, मुकेश कुमार ने कहा कि वासुकिनाथ धाम में तीसरी सोमवारी को श्रद्धालुओं की भीड़ में अप्रत्याशित वृद्धि को नजर में रखते हुए प्रेशर पॉइंट्स चिन्हित किए गए हैं, जिनपर विशेष सतर्कता रखने की आवश्यकता है। बाबा मंदिर गर्भ गृह, पार्वती मंदिर, बाबा मंदिर निकास द्वार, शिवगंगा स्थित नये जलार्पण काउंटर, बाबा मंदिर निकास द्वार स्थित पुराना जलार्पण काउंटर, वासुकिनाथ धाम प्रशासनिक शिविर व पानी टंकी के पास स्थापित प्रशासनिक शिविर मार्ग से ही अधिकांश डाक बमों का प्रवेश होता है इसलिए इन मार्गों पर लगातार भ्रमणशील व सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि नियंत्रित तरीके से डाकबम का प्रवेश कराया जा सके। डीसी श्री कुमार ने कहा कि वासुकिनाथ धाम स्थित मुख्य प्रशासनिक शिविर में प्राप्त होने वाली महत्वपूर्ण सूचनाओं के आलोक में समस्याओं का निराकरण कराने की व्यवस्था की जाय। वासुकिनाथ धाम मंदिर से पानी टंकी होते हुए भागलपुर बस स्टैंड तक सुलभ आवागमन व भीड़ पर नियंत्रण रखने  के आवश्यक निदेश डीसी ने दिये। वाहनों की पार्किंग यत्र-तत्र नहीं हो, निर्धारित स्थानों पर ही इनकी पार्किंग की जाय। शिवगंगा के चारों ओर कांवरियों के लिए बने कांवरिया रूट लाइनों में किसी प्रकार की अफरातफरी का माहौल न बने इसका नियंत्रण रखा जाय। शिवगंगा स्थित नये जलार्पण काउण्टर शिवगंगा के समीप होने के कारण श्रद्धालुओं की बहुत अधिक भीड़ देखी जा रही है। इस जगह पर महिलाओं व पुरूषों के लिए अलग-अलग काउंटर निर्मित है। यह काउंटर विशेष रुप से दिव्यांग, असहाय व  वृद्ध महिला श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए हैं। उन्हें जलार्पण में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। डीसी मुकेश कुमार ने कहा बाबा मंदिर निकास द्वार स्थित पुराने जलार्पण काउंटर स्थल पर भी महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग काउंटर निर्मित है। इसके लिए प्रतिनियुक्त अधिकारी कार्यस्थल पर लगातार निगरानी रखते हुए भीड़ को नियंत्रित रखकर सुलभता पूर्वक जलार्पण करायेंगे। सभी चिन्हित प्रेशर पॉइंट्स पर अपर दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं तथा इन्हें निदेश दिया गया है कि प्रत्येक रविवार, सोमवार और मंगलवार को विशेष रुप से गतिशील रह कर भीड़ को नियंत्रित रखने की कार्रवाई करेंगे। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया प्रेशर पॉइंट्स पर ड्रोन कैमरा से भी निगरानी रखा जाय। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी कर्मचारी अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर रहकर पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। अनुपस्थित पाए जाने वाले पदाधिकारी कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 


चप्पे-चप्पे पर शिवभक्तों की सेवा में तैनात पहाड़िया बटालियनः आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने, उनकी सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था में बदलाव लाने के भागीरथी प्रयास में पिछले चार माह पूर्व साहेबगंज में पीएम नरेन्द्र मोदी के हाथों पहाड़िया बटालियन के 956 महिला व पुरुष सिपाहियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करवाया गया था। आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के लोगों को मुख्यधारा में लाने व इनके लिए अधिकाधिक रोजगार की व्यवस्था उपलब्ध कराना उपरोक्त नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य था। साहेबगंज में प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि नये भारत की कहानी पहाड़िया बटालियन ही लिखेंगे। कभी जंगल की तराई तो कभी पहाड़ की खोह में गुजर बसर करने वाले इन युवाओं के आत्म विश्वास को श्रावणी मेला के दौरान वासुकिनाथ धाम में देखा जा सकता है। श्रावणी मेला के दौरान प्रत्येक दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा पर जलार्पण करने आते है। ंभीड़ अनियंत्रित न हो तथा हताहत की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ मेला परिसर में इनकी प्रतिनियुक्ति को प्रमुखता दी है। पहाड़िया बटालियन के कर्मी जगह-जगह पर पूरी मुस्तैदी के साथ सुरक्षा व्यवस्था को संभाले दिख जाते हैं। श्रद्धालुओं पर वे अपनी पैनी नजर रखते हैं। श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए पूरे कांवरिया रूट लाईन में सुरक्षाकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। नव नियुक्त पहाड़िया बटालियन श्रद्धालुओं की सेवा में पूरी तत्परता से अपने कर्तव्यों का निर्वहण कर रही है। गुरिल्ला युद्ध में माहिर  400 पहाड़िया बटालियन की प्रतिनियुक्ति में  350 पुरूष एवं 50 महिला पूरे मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। किसी भी परिस्थिति में ये बटालियन एक्टिवेट मोड में आकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा कर सकने में माहिर हैं। बाबा के भक्तों की सेवा करने में उन्हें असीम आनन्द की अनुभूति हो रही है। 
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