लालू के पुत्र तेजप्रताप को चार साल की उम्र में ही दान में मिली 13 एकड़ जमीन : सुशील

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पटना 04 जुलाई, बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानमंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल(राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव एवं उनके परिवार के ‘काम के बदले जमीन’ मामले में एक और नया खुलासा करते हुये आज कहा कि लालू-राबड़ी सरकार में मंत्री रहे बृजबिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी ने श्री यादव के मंत्री पुत्र तेजप्रताप यादव को करीब चार साल की उम्र में ही 13 एकड़ 12 डिसमिल जमीन दान में दे दी थी। श्री मोदी ने यहां जनता दरबार के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध कराते हुये कहा कि लालू-राबड़ी सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा मंत्री रहे बृजबिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी ने 23 मार्च 1992 को राजद अध्यक्ष श्री यादव के बड़े पुत्र एवं स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव को केवल तीन वर्ष आठ माह की उम्र में ही 13 एकड़ 12 डिसमिल जमीन दान में दे दी। उन्होंने कहा कि इसी तरह श्री यादव के रेलमंत्री के कार्यकाल में केंद्र में मंत्री बनने के लिए राजद के रघुनाथ झा और कांति सिंह ने राजद अध्यक्ष के परिवार को करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति दान में दी थी। भाजपा नेता ने कहा कि श्रीमती रमा देवी ने श्री तेजप्रताप को मुजफ्फरपुर जिला के कुढ़नी थाना क्षेत्र में एक प्लॉट में नौ एकड़ 24 डिसमिल जमीन तथा दूसरे प्लॉट में तीन एकड़ 88 डिसमिल जमीन कुल 13 एकड़ 12 डिसमिल जमीन दान में दी थी।


श्री मोदी ने बताया कि श्रीमती रमा देवी के दान पत्र में लिखा गया है, “तेजप्रताप रमा देवी का प्यारा है। हालांकि वह अभी नाबालिग है फिर भी जहां तक संभव होता है वह रमा देवी की सेवा-सुश्रुषा करते हैं। तेजप्रताप की सेवा का ख्याल रखते हुये उनकी इच्छा हुई कि वह अपने जीवनकाल में ही तेजप्रताप को जमीन दान कर दें।” इस पर उप मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर तीन वर्ष आठ महीने की उम्र में तेजप्रताप ने क्या सेवा की होगी कि श्रीमती रमा देवी ने खुश होकर 13 एकड़ 12 डिसमिल जमीन दान कर दी। भाजपा नेता ने कहा कि श्री यादव और उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्यकाल तथा राजद अध्यक्ष के रेल मंत्री के कार्यकाल (2004-09) के दौरान लोगों को नौकरी और ठेका दिलाने के साथ ही पार्टी सदस्यों को विधायक, सांसद एवं मंत्री बनाने तथा अन्य मदद के बदले जमीन लिखवा लेना या जमीन को दान में ले लेने का अंतहीन सिलसिला रहा है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में श्री रघुनाथ झा और श्रीमती कांति सिंह ने मंत्री बनने के लिए श्री यादव के परिवार को करोड़ों रुपये की संपत्ति दान में दे दी। वहीं, राजद अध्यक्ष के गौशाला में काम करने वाले बीपीएल कार्डधारी ललन चौधरी और रेलवे में खलासी के पद पर बहाल कराये गये हृदयानंद चौधरी के नाम पर लालू परिवार ने पहले जमीन लिखवाई और बाद में उसे अपने नाम पर दान करवा लिया। श्री मोदी ने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर सभी नेता लालू परिवार को ही क्यों जमीन दान देते रहे। उन्होंने कहा कि श्री यादव नेताओं की मजबूरी का फायदा उठाते रहे और हर काम की एक ही कीमत काम के बदले जमीन की नीति का सहारा लेकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति के मालिक बन बैठे। 

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