पटना : बुनियादी समस्याओं का समाधान करेंगे पार्षद

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पटना जिलान्तर्गत मसौढ़ी के निवासी हैं शारदा चौधरी. मसौढ़ी से दीघा क्षेत्र में आए थे 1935 में. शारदा चौधरी ने दीघा में स्थित बाजीतपुर मोहल्ला में एक कट्टा जमीन खरीदी. इसके बाद कहने लायक घर धीरे-धीरे बनाने लगें. इस बीच शारदा चौधरी एक से दो हो गए.उनका विवाह सुदामा देवी के संग हुआ. दोनों दम्पति के 6 बच्चे हुए. 4 लड़के और 2 लड़की. दिनेश चौधरी, विनोद चौधरी, पप्पू चौधरी और राज कलम चौधरी. दो लड़की रीता देवी और गीता देवी. रीता देवी सराय में और गीता देवी पटना सिटी में रहती हैं. चारों भाई 4 घर में रहते हैं. 1 रूम में जिदंगी काट रहे हैं. आपका नव निर्वाचित पार्षद दिनेश चौधरी का जन्म 03 फरवरी, 1966 है. मैट्रिक उर्त्तीण हैं. जीवन संगीनी संगीता देवी हैं. 2 बच्चे हैं. लड़की दिव्या ज्योति और लड़का समुन्द्र गुप्त कुमार हैं. इन्द्र प्रसाद सिंह गंग-स्थली उच्च माध्यमिक बालिका में 10 प्लस 2 में दिव्या पढ़ती हैं. ए.एन.एस. कॉलेज में बीएससी में पढ़ते हैं समुन्द्र गुप्त कुमार.एक कमरा में रहने का दर्द है पार्षद साहब की पत्नी को.इस दर्द को बढ़ाने में किचन भी सहायक है. सीढ़ी के नीचे है किचन. खैर, सड़क पर रफ्तार से टेम्पों चलाने वाले दिनेश कुमार की जिदंगी में गरीबी का ब्रेक लग गया है.बावजूद , इसके सामाजिक कार्य करने से मुंह नहीं मोड़ा है.  2000 से 2017 तक वार्ड सदस्य बने रहें. पश्चिमी दीघा ग्राम पंचायत के वार्ड नम्बर -14 के माननीय सदस्य रहे. इस पंचायत के मुखिया जवाहर प्रसाद, मुखिया     और शाहिदा परवीन और मुखिया ममता देवी के नेतृत्व में बढ़कर सीखने का काम किया.रूपया पर ध्यान नहीं दिया. कर्म को ही महानता देते रहे. इसके आलोक में जन समुदाय ने पटना नगर निगम के वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ने को कहा और जीत की माला पहनाकर दम लिये.


उनके पुत्र समुन्द्र गुप्त कुमार कहते हैं कि पांच पंचायतों को अधिग्रहणकर पटना नगर निगम में शामिल किया गया. पटना नगर निगम ने 3 वार्ड सृजन किये. वार्ड नं.-22 A, 22 B और 22 C.  वार्ड नम्बर - 22 A से दिनेश कुमार के साथ 26 प्रत्याशी मैदान में थे. किसी ने बल्ब छाप को महत्व नहीं दिये. प्रेशर कुकर छाप मनोज पासवान, चिमनी छाप सुशीला देवी, कैरम बोर्ड छाप रौशन देवी आदि का बोलबाला था. लगभग निराशा के समन्दर में गोता खा रहे थे. 4 जून को मतदान खत्म होने के बाद परिवार के लोग संशय की स्थिति में आ गये. माननीय जनता ने धीरज धड़कर मतदान केन्द्र में आकर धीरे-धीरे दिनेश कुमार के पक्ष में मतदान कर किस्मत के द्वार खोल दिये. 9 जून को धमाकेदार रिजल्ट सामने आयी. मुरझाई चेहरे खिल गये. पूरे 1010 मत दिनेश कुमार को पड़े. 146 वोट से जीते. द्वितीय स्थान पर मनोज पासवान ,प्रेशर कुकर को हासिल हुई. नव निर्वाचित वार्ड पार्षद दिनेश कुमार की मां मुस्मात सुदामा देवी (85 वर्ष) को पेंशन मिल रहा है. सुदामा देवी का कहना है कि मेरे आर्शीवाद से बेटवां जीता है. कहती है कि दही और भात खाना पसंद करता है. अनुज विनोद चौधरी का कहना है हमलोग ईमानदारी की रोटी खाते हैं. दिनेश की धर्मपत्नी संगीता देवी ने कहा कि जन प्रतिनिधि होने के बावजूद टेम्पों चलाते हैं. बेटी और बेटा को पढ़ा रहे हैं.हर आवश्यकताओं को पूर्ण कर देते हैं. आजतक भूखे सोने की नौबत नहीं है. सुपुत्री दिव्या ज्योति कहती है कि मेरे पिताजी नशापान नहीं करते हैं.  तेल और मशाला वाला भोजन नहीं करते हैं. टी.वी.पर क्रिकेट मैच देखते हैं.

पापा का बेटा समुन्द्र गुप्त कुमार ने कहा पार्षद पापा का पी.ए. बनना चाहते हैं. मौके पर खुलासा किये कि बाजीतपुर और मखदुमपुर के मतदाताओं ने दिल खोलकर समर्थन देने के फलस्वरूप चौकाने वाला परिणाम आया. प्रेस से बातचीत में वार्ड पार्षद दिनेश कुमार ने कहा कि धन पर कर्म की जीत है. एरिया का विकास करना है. नाला और गली निर्माण करवाना है. कई माह से बुर्जुगों,दिव्यांगों और विधवाधों को पेंशन नहीं मिल रही है. इन समस्याओं का समाधान जन भागीदारी के बल पर करेंगे. इस वार्ड में 16 बूथ है. प्रत्येक बूथ से 1 सक्रिय कार्यकर्ता का चयन करेंगे.  ऎसा करके 16 सदस्यीय विकास समिति का गठन करेंगे.

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