बिहार : कृषि उत्पाद के लागत से डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य के सवाल पर जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन.

  • अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने किसानों के सभी कर्जे माफ करने की मांग की.

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पटना 9 अगस्त, देश भर के 62 किसान संगठनों के अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय आह्वान पर आज पटना में जिलाधिकारी के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया गया और कृषि उत्पाद के लागत मूल्य के डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य के साथ किसानों के उपर बैंक, सरकारी, महाजनी व अन्य कर्जों की माफी की मांग की गयी. पटना में गांधी मैदान के दक्षिणी छोर से प्रदर्शन आरंभ हुआ और जिलाधिकारी के कार्यालय तक पहुंचा. प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे. एडीएम ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करके उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. उसके बाद कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा हुई. आज के प्रदर्शन में मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान महासभा, बिहार राज्य किसान महासभा (सीपीआइ से संबद्ध), बिहार राज्य किसान महासभा (सीपीआइएम से संबद्ध), स्वामी सहजानंद सरस्वती विचार मंच, एसयूसीआईसी के किसान महासभा के साथ ही कई अन्य संगठन के लोग शामिल थे.


कार्यक्रम का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सहसचिव काॅ. उमेश सिंह, काॅ. राजेन्द्र पटेल एवं कृपानारायण सिंह, बिहार राज्य किसान सभा के रामजीवन सिंह, सोनेलाल, वैद्यनाथ शर्मा, लक्ष्मण शर्मा आदि कर रहे थे. सैकड़ो किसान अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से मांगों की तख्तियां व बैनर लिए शामिल थे. विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए आयोजन के संयोजक काॅ. उमेश सिंह ने कहा कि आज देश व राज्यों में किसान विरोधी सरकारें कायम है, जो लगातार किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है. किसान और कृषि विरोधी नीतियां पास कर किसानों को मौत के मुंह में धकेला जा रहा है. हम किसानों का इसका मुंहतोड़ जवाब देना होगा. उन्होंने आगे कहा कि आज देश भर के किसान संगठित हो रहे हैं और एकताबद्ध होकर संघर्ष में शामिल हो रहे हैं. आगे भी हम देश भर में यात्राओं का आयोजन करके सभी किसानों को संगठित करेंगे. कृपानारायण सिंह, राजेन्द्र पटेल, रामजीवन सिंह ने भी सभा को संबोधित किया.

इस कार्यक्रम में 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. 1. कृषि उत्पादों के लागत मूल्य से डेढ़ गुणा समर्थन मूलय पर सरकारी खरीद की गारंटी की जाए. 2. किसानों के सभी कर्जे माफ किये जाएं. 3. कृषि भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगायी जाए और हर हाल में भूमि संरक्षण किया जाए. 4. 60 वर्ष की उम्र पूरा कर चुके किसानों को दस हजार रु. का मासिक पेंशन दिया जाए. 5. सभी बटाईदार किसानों को पहचान पत्र दिया जाए. 6. कृषि कार्य मेंल लगने वाली सभी सामग्रियों को जीएसटी से मुक्त किया जाए.

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