उद्योगों की धुरी हैं श्रमिक: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

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नयी दिल्ली 17 अगस्त, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज श्रमिकों को उद्योगों की रीढ़ बताया और कहा कि उद्योग जगत को समाज तथा मजदूरों एवं उनके परिजनों के कल्याण और सुरक्षा एवं संरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति और नियोजन तय करना चाहिए। श्री कोविंद ने यहां एक समारोह में खनन क्षेत्र में कार्यस्थलों में “श्रमिकों की सुरक्षा एवं संरक्षा के राष्ट्रीय पुरस्कार” प्रदान करते हुए कहा कि उद्योगों का विकास मालिक और श्रमिकों के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों पर आधारित है। दोनों के बीच संबंध जितने सहज होंगे उत्पादन उतना ही ज्यादा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यस्था के विकास की जिम्मेदारी उद्योगों पर होती है लेकिन उद्योगों को चलाने में श्रमिकों को योगदान आवश्यक है। सुरक्षित कार्यस्थलों और श्रमिकों से उत्पादन में वृद्धि होती है और वातावरण सौहार्द्रपूर्ण रहता है। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर वर्ष 2013 और 2014 के लिए सात क्षेत्रों में 37 विजेता और 34 उप विजेता कंपनियों एवं लोगों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारु दत्तात्रेय भी समारोह में मौजूद थे। खनन क्षेत्र में ये राष्ट्रीय पुरस्कार काेयला, तेल एवं धातु खनन क्षेत्र में कर्मचारियों की सुरक्षा एवं संरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किए जाते हैं। इन्हें प्रंबधन एवं श्रमिकों के प्रतिनिधियों को संयुक्त रुप दिया जाता है। ये पुरस्कार सबसे लंबा दुर्घटना रहित काल, सबसे कम दुर्घटना अौर बचाव की तैयारियों के लिए दिए जाते हैं। पुरस्कार विजेतओं का चयन एक श्रमिक संघ एवं प्रंधबन की एक संयुक्त समिति करती है। इसमें दोनों पक्षों के आठ आठ सदस्य होते हैं।

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