योग्यता और भरोसे की कमी के चलते मंत्रिमंडल में स्थान रिक्त : कांग्रेस

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नयी दिल्ली, 27 अगस्त, केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपनी पार्टी के नेताओं पर भरोसा नहीं होने के कारण मंत्रिपरिषद में स्थान रिक्त पडे हैं और नये मंत्री बनाने की बजाय कुछ ही मंत्रियों को कई कई अहम मंत्रालय सौंपे गये हैं जिससे सरकार का कामकाज प्रभावित हो रहा है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मनीष तिवारी ने बातचीत में कहा कि मोदी सरकार के 38 माह के अब तक के कार्यकाल में 20 माह तक कोई पूर्णकालिक रक्षा मंत्री नहीं रहा जिससे निश्चित रुप से राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ा है इसके अलावा श्री मोदी ने कुछ मंत्रियों को एक से ज्यादा अहम मंत्रालय सौंप रखे हैं उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल का अाधे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अहम मंत्रालयों के लिये अलग अलग मंत्री नहीं नियुक्त होने के पीछे दो प्रमुख कारण है एक तो भाजपा के पास सरकार चलाने के लिये योग्य नेता नहीं है और दूसरा श्री मोदी को पार्टी के नेताआें पर भरोसा नहीं है  इससे यह भी पता चलता है कि भाजपा और उसकी सरकार की प्राथमिकता क्या है उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व का गोवा जैसे छोटे राज्य में सत्ता हासिल करने के लिये तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाकर वहां भेजने से साफ है कि श्री मोदी के लिये राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण गोवा में पार्टी की सरकार बनाना था श्री तिवारी ने कहा कि पांच दिनों के अंदर लगातार दो रेल दुर्घटनाओं के बाद रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस्तीफे की पेशकश तो कर दी लेकिन श्री मोदी ने उसे ‘वेटिंग’ में डाल दिया  इसी तरह श्री एम वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बन जाने के बावजूद उनकी जगह नया मंत्री बनाने की बजाय शहरी विकास आैर सूचना प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार दो मौजूदा मंत्रियों को सौंप दिये गये जिनके पास पहले से ही महत्वपूर्ण मंत्रालय हैं पूर्व पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे की मृत्यु होने पर उनके मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन को सौंप दिया गया श्री तिवारी ने कहा कि असलियत में मौजूदा केंद्र सरकार डेढ़ व्यक्तियों की सरकार है एक श्री मोदी और अाधे श्री अमित शाह इस सरकार काे चला रहे हैं उन्होंने दावा किया कि तवज्जो नहीं मिलने से भाजपा के बहुत से नेता अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं तथा उनमें हताशा व्याप्त है लेकिन फिलहाल कोई खुल कर नहीं बोल रहा है उन्होंने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीटें यदि 200 से कम हो जाती है तो श्री मोदी का भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेता बन पाना मुश्किल होगा

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