रघुवर ने उग्रवादियों से की मुख्यधारा में लौटने की अपील

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रांची 15 अगस्त, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उग्रवाद की राह पर चल पड़े लोगों से समर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। श्री दास ने आज यहां मोरहाबादी मैदान में 71वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद उग्रवादियों से समर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुये कहा कि हालांकि राज्य में उग्रवाद की घटनाओं में काफी कमी आई है और उनकी सरकार इस वर्ष उग्रवाद मुक्त झारखंड बनाने के कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता विशेषकर महिलाओं को आश्वस्त किया कि सरकार के लिए उनकी सुरक्षा मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने नया झारखंड निर्माण के लिये प्रदेश को स्वच्छ बनाने, गरीबी उन्मूलन, भ्रष्टाचार को पनपने नहीं देने, उग्रवाद को उखाड़ फेंकने, परिवारवाद समाप्त करने, अशिक्षा दूर करने, जातिवाद को जड़ से समाप्त करने, राज्य को साम्प्रदायवाद मुक्त बनाने, बेरोजगारी को दूर कर स्वरोजगार उपलब्ध कराने का संकल्प दुहराया और कहा कि इसके लिये राज्यवासियाें से भी सहयोग की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री नहीं बल्कि जनता के दास हैं और राज्य के विकास के लिये प्रतिबद्ध हैं। श्री दास ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनो का नया झारखंड बनाना है, जहां न तो अशिक्षा रहेगी और न ही भ्रष्टाचार। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 तक राज्य के 32 हजार गांवों के 68 लाख परिवारों तक बिजली पहुंचा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि दुमका, हजारीबाग और मेदनीनगर में मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ 500 बेड के अस्पतालों का निर्माण कराया जायेगा। इसके अलावा चाइबासा, बोकारो और कोडरमा में भी मेडिकल कॉलेज तथा 500 बेड वाले अस्पताल निर्माण की स्वीकृति पर भी कार्रवाई की जा रही है ।


मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर के साथ चूल्हा भी मुफ्त दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड देश का अकेला राज्य है जहां महिलाओं के लिए 50 लाख रुपये तक की जमीन खरीद पर निबंधन शुल्क केवल एक रुपये है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 270 प्रखंडों में कृषि सिंगल विंडो की स्थापना की गयी है जहां कृषि संबंधी सारी जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध हो रही है। रांची में फल- सब्जी प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया गया है और इसकी क्षमता 50 हजार मिट्रिक टन है। श्री दास ने कहा कि उनकी सरकार किसानों की उन्नति के लिये हर स्तर पर प्रयास कर रही है तथा राज्य में सिंचाई सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता हैं और उनके लिए मुख्यमंत्री किसान राहत कोष की भी शुरूआत की गयी है। उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादन के मामले में राज्य आत्मनिर्भर हो गया है और अब यहां की सब्जियां पड़ोसी राज्यों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल जनशताब्दी समारोह को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जनता के साकारात्मक सहयोग एवं विकास के प्रति बदलते नजरिये से सरकार को बल मिला है और राज्यहित में सरकार तेजी से निर्णय लेने में सक्षम हुयी है। उन्होंने कहा कि स्वराज हमें त्याग, समर्पण और बलिदान से मिला है और सुराज्य भी त्याग, समर्पण, अनुशासन, निष्ठा एवं ईमानदारी से ही प्राप्त होगी। 

श्री दास ने कहा कि राज्य में सखी मंडल का गठन किया जा रहा है। सभी 32 हजार गांवों से एक-एक महिला का चयन किया जायेगा जो अपने साथ 15 महिलाओं की एक टीम बनायेगी। सरकार इनका कौशल विकास कर इन्हें योजनाओं से जोड़ेगी। साथ ही कम्बल, तौलिया, चादर, स्कूल ड्रेस, अंडे आदि की खरीददारी बाहर से न कर सखी मंडल के माध्यम से की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों, दलितों, पिछडो और वंचितों का कल्याण उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। राज्य के ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिये व्यापक अभियान चलाया जायेगा। राज्य में कृषि और उद्योग का समुचित विकास हो जाये तो प्रदेश की आधी से अधिक समस्यायें स्वयं समाप्त हो जायेगी। श्री दास ने 71वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुये कहा कि आजादी का यह पर्व राष्ट्र एवं राज्य को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प पर्व है। आज का दिन उन महापुरूषों को याद करने का भी दिन है जिनके कठिन संघर्ष त्याग एवं बलिदान की बदौलत हमें एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक राष्ट्र का नागरिक कहलाने सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा, “इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार बल्लभ भाई पटेल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, पंडित जवाहर लाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, शहीद भगत सिंह के साथ ही झारखंड के वीर सपूतों भगवान बिरसा मुंडा और सिदो कान्हू को भी श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं तथा उन्हें शत शत नमन करता हूं।” उन्होंने कहा कि इन महान सपूतों की संघर्ष गाथा सदैव प्रेरणा को श्रोत रहेंगे। 

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