बिहार में ताप विद्युत के बदले लगेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र : नीतीश

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पटना 13 अगस्त, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता पर संतोष व्यक्त करते हुये आज कहा अब प्रदेश में ताप विद्युत संयंत्रों की जरूरत नहीं है और इसके स्थान पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाये जाएंगे। श्री कुमार ने यहां ऊर्जा क्षेत्र में 1462.36 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करने के बाद कहा कि राज्य में ऊर्जा के क्षेत्र में इतने अधिक काम हुए हैं कि अब ताप विद्युत संयंत्र स्थापित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जिन दो स्थानों पर ताप विद्युत इकाई लगाना चाहती थी अब वहां सौर ऊर्जा संयंत्र लगाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता मात्र सात सौ मेगावाट थी लेकिन आज यह चार हजार मेगावाट से अधिक पर पहुंच गई है और आगे यह बढ़ती ही जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुरूप बिजली की आपूर्ति करने के लिये ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाना होगा। इस ओर ध्यान दिया जा रहा है ताकि लोगों को कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली की अब कोई दिक्कत नहीं है लेकिन लोगों तक बिजली पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन, सब ट्रांसमिशन और वितरण के लिए मजबूत नेटवर्क होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निरंतर बेहतर काम हुआ है और आज जो 1462.36 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण हुआ है, वह मुख्य रूप से इन्हीं दो क्षेत्रों ग्रिड सब स्टेशन और पावर सब स्टेशन से संबंधित है ताकि इनके माध्यम से हर जगह बिजली पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क मजबूत रहने से बिजली की गुणवत्ता ठीक रहती है और कम वोल्टेज या बिजली के फ्लक्चुएशन का सामना नहीं करना पड़ता है। 


श्री कुमार ने कहा कि उनकी सरकार का संकल्प है कि इस साल के अंत तक हर बसावट में बिजली पहुंचा दी जाएगी और वर्ष 2018 के अंत तक प्रत्येक घर में बिजली कनेक्शन प्रदान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में 15 अगस्त को गांधी मैदान में ध्वजारोहन के बाद उन्होंने कहा था कि बिजली की स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है और सुधार होगा। यदि सुधार नहीं हो पाया तो 2015 के विधानसभा चुनाव में वह वोट मांगने नहीं जायेंगे। लेकिन, खुशी है कि बिजली की स्थिति में इतना सुधार हुआ है कि आज थोड़ी देर के लिये भी बिजली चली जाती है तो लोग परेशान हो जाते हैं। गांव में भी लोग घरों में फ्रीज रखने लगे हैं और घर-घर में टेलीविजन आ गया। उन्होंने राज्यवासियों से जरूरत के अनुसार बिजली का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में इतना अच्छा काम हुआ है कि जब देश में ऊर्जा मंत्रियों का सम्मेलन हुआ और इस विषय पर प्रस्तुतिकरण दी गई तो सम्मेलन में लोग इतने प्रभावित एवं प्रसन्न हुये कि 16 राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस वर्ष 09 अगस्त को बिहार आकर यहां बिजली क्षेत्र के कार्यों को देखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यह तय किया कि वह बिहार की योजना ‘हर घर बिजली का कनेक्शन’ को केन्द्रीय योजना के रूप में अपनायेगी। उन्होंने कहा, “आज राज्य के बिजली क्षेत्र में इतना काम हुआ है कि उसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, इसके लिये मैं ऊर्जा विभाग को बधाई देता हूं।” श्री कुमार ने बिजली पर उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी का जिक्र करते हुये कहा कि इसके लिये सब्सिडी की दर निर्धारित की गई है। अब लोगों को मिलने वाले बिजली बिल से पता चलेगा कि वास्तविक बिल कितना है और राज्य सरकार ने कितनी सब्सिडी दी है। उन्होंने कहा कि इसका दूसरा फायदा यह होगा कि बिजली का दुरुपयोग कम होगा। 

मुख्यमंत्री ने पूरे देश में बिजली की एक दर लागू करने की मांग दुहराते हुये कहा कि केन्द्र सरकार के समक्ष यह मांग हमेशा उठाई जाती रही है कि राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) से बिहार को आवंटित की जाने वाली बिजली की दर अधिक है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश भर में रेलवे का किराया एक है, उसी तरह से बिजली की दर भी एक होनी चाहिये। एनटीपीसी को पूरे देश के लिये बिजली की एक दर निर्धारित करनी चाहिये। उन्होंने कहा, “हमलोग मांग करते हैं कि पूरे देश के लिये बिजली की एक दर लागू हो।” श्री कुमार ने महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुये कहा कि पंचायत एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण तथा राज्य सरकार की सभी सेवाओं में 35 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिये लागू किया गया है। बिहार में महिला सशक्तिकरण नीति बनायी गयी है। अब इस कड़ी में ऊर्जा विभाग की करबिगहिया ग्रीड का संचालन सिर्फ महिलाओं द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में यह प्रशंसनीय कार्य है। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन तथा योजना एवं विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विधायक सुनील चैधरी, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीष चन्द्रा, नाॅर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी के प्रबंध निदेशक संदीप के. आर. पी, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी के प्रबंध निदेषक आर. लक्ष्मणन सहित ऊर्जा विभाग के वरीय अधिकारी, अभियंता एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

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