बिहार का एक भी जिला खुले में शौच से मुक्त नहीं : अहलूवालिया

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पटना 21 सितम्बर, केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता राज्य मंत्री एस. एस. अहलूवालिया ने आज कहा कि देश में 192 जिले अब तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो चुके हैं लेकिन बिहार का एक भी जिला इस श्रेणी में नहीं आ सका है। श्री अहलूवालिया ने यहां भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को पूरा करने के लिये उनका मंत्रालय कई कदम उठा रहा है। राज्य और देश को खुले में शौच से मुक्त बनाने की प्रधानमंत्री की घोषणा को हर हाल में पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर 2019 को देश खुले में शौच से मुक्त हो जायेगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार 31 दिसम्बर 2018 तक स्वच्छता लक्ष्य प्राप्त कर सके इसके लिये उन्होंने लोक स्वास्थ्य एवं अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा के साथ ही ग्रामीण कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत जहां 67 प्रतिशत है वहीं बिहार में यह आंकड़ा महज साढ़े 32 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत का लगभग आधा है। उन्होंने कहा कि देश में नौ राज्य ऐसे हैं जो स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत से नीचे हैं और उनमें बिहार भी शामिल है। बिहार में 270 दिनों में 1.40 करोड़ शौचालय बनवाने की चुनौती है। हालांकि उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ के कारण शौचालय निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हुयी है। 


श्री अहलूवालिया ने कहा कि बिहार को यह लक्ष्य हासलि करने के लिये अपने कार्या में और तेजी लाने की जरूरत है। इसके लिए ग्रामीणों को जागरूक बनाने के साथ ही उन्हें प्रोत्साहित करने की भी जरूरत है तभी ओडीएफ का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि देश में 192 जिले ओडीएफ घोषित किये जा चुके हैं लेकिन बिहार का एक भी जिला अब तक इस श्रेणी में नहीं आ सका है। उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2017 तक बिहार के कुछ गांव और जिलों के ओडीएफ होने की उम्मीद है। केन्द्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई है कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम हो रहा है और साथ में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी काफी गंभीरता से इसके लिये प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और बिहार सरकार की ओर से इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं और टीम भावना से काम हो रहा है। केन्द्र इसके लिये मदद करने को हमेशा तैयार है। श्री अहलूवालिया ने कहा कि इस अभियान में सिर्फ सरकार ही नहीं सभी संगठनों को मिलकर काम करना होगा। गांव और पंचायत के लोगों को स्वच्छता के संबंध में बताना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के अभाव में देश में प्रत्येक वर्ष एक लाख बच्चे डायरिया से मरते हैं। खुले में शौच के कारण गंदा पानी स्वास्थ्य के लिये घातक होता है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बिहार के कई क्षेत्रों में पेयजल में आर्सेनिक की समस्या है जिसे दूर करने के लिये लोगों को राज्य सरकार की ओर से पाइप के माध्यम से दिसम्बर 2018 तक पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है। 
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