बोफोर्स मामले में अंतिम सुनवाई 30 अक्टूबर से

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नयी दिल्ली, 01 सितम्बर, उच्चतम न्यायालय बोफोर्स तोप घोटाला मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अजय अग्रवाल की अपील पर 30 अक्टूबर से सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने मामले की त्वरित सुनवाई का श्री अग्रवाल का अनुरोध स्वीकार करते हुए कहा कि वह याचिकाकर्ता की अपील पर अंतिम सुनवाई 30 अक्टूबर से शुरू करेगी। श्री अग्रवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 2005 के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उसने बोफोर्स तोप दलाली कांड में हिन्दुजा बंधुओं को आरोप मुक्त कर दिया था। उनकी दलील है कि इस मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) ने 31 मई 2005 को दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती नहीं दी। वर्ष 2005 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने घोटाले के आरोपी हिंदुजा बंधुओं- श्रीचंद, गोपीचंद और प्रकाशचंद- के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के 90 दिनों के भीतर सीबीआई द्वारा उच्चतम न्यायालय में चुनौती नहीं दिये जाने और मामले को रफा-दफा किये जाने के आरोप के बाद श्री अग्रवाल ने निजी हैसियत में एक अपील दायर की थी जिसे शीर्ष अदालत ने 18 अक्टूबर 2005 को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था, लेकिन लंबे समय से यह याचिका लंबित थी। इसलिए पेशे से वकील श्री अग्रवाल ने इस मामले में पिछले दिनों एक और याचिका दायर करके त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया था। भाजपा नेता ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि उनकी अपील 2005 से ही लंबित है और इस पर त्वरित सुनवाई की जानी चाहिए। उनकी दलील से सहमति जताते हुए पीठ ने 30 अक्टूबर से सुनवाई करने का निर्णय लिया है। याचिका को लेकर श्री अग्रवाल का कहना है, “मैंने यह याचिका देशहित को ध्यान में रखकर उच्चतम न्यायालय में दायर की है, क्योंकि सीबीआई ने बोफोर्स घोटाले के मामले को उस वक्त आगे नहीं बढ़ाया, जबकि न्यायालय का फैसला त्रुटिपूर्ण था। उस वक्त यह बताया गया था कि कानून मंत्रालय ने इसकी इजाजत सीबीआई को नहीं दी थी।’' श्री अग्रवाल ने भाजपा के टिकट पर रायबरेली से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ 2014 का आम चुनाव लड़ा था।

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