मधुबनी : समाजिक समरस्ता का प्रतीक है अंधरा बाजार का दुर्गा पूजा

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अंधराठाढी/मधुबनी (मोo आलम अंसारी) अंधराठाढ़ी । समाजिक समरस्ता का प्रतीक है अंधरा बाजार का दुर्गा पूजा। इसके प्रबन्ध समिति में न केवल हिन्दू मुस्लिम दोनो समुदय के लोग सदस्य है वल्कि  कुमारी भोजन में सभी जाति धर्म के कुमारी कन्या इसमें शामिल होती है। अंधरा बाजार में बैष्णवी दुर्गा पूजा  की शुरुआत  वर्ष 1977 में हुई थी। तब देश में आपातकाल लागू था।  अंधरा, ठाढ़ी, धकजरी, और गौड़, नवटोली ,पस्टन आदि गांव के तत्कालीन युवको ने इसकी बुनियाद रखी  थी। आज अंधरा बाजार दुर्गा स्थान को  प्रखंड स्तरीय “ दुर्गा स्थान” का दर्जा प्राप्त है। इस मंदिर में बैष्णवी दुर्गा की पूजा होती है। यहाँ बकरे आदि  की बलि  नहीं दी जाती है।  इसे मनोकामना पूरन दुर्गास्थान भी कहा जाता है। आयोजक के अनुसार मनौती मानने वाले आज तक खाली हाथ वापस नहीं लौटे है। इस स्थान के मुरीदो में दर्जनों राजनेता प्रशासनिक अधिकारियो पंचायत प्रतिनिधि और समाज के सब तबको के लोग है। मुरीदो के दान चढ़ावा और सहयोग से इस स्थान का अपना एक आकर्षक और बड़ा मन्दिर है। मूर्ति सजावट पूजा मेला और व्यवस्था के मद्देनगर इलाके में यह स्थान अब तक अव्वल रहता आया है। इस मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष- स्व0 भोगेन्द्र राय, संस्थापक सचिव- स्व0 रामऔतार चौधरी पूर्व मंत्री एवं स्व मोहन लाल कर्ण स्व मोहन चौधरी आदि थे।  मौजूदा अध्यक्ष- जयवीर यादव, सचिव- महेन्द्र राय है।

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