विशेष : काशीवासियों पर नवरात्र में होगी सौगातों की बारिश

नवरात्र के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी में होंगे। वे न सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को एक-दो नहीं कई तो तोहफो से नवाजेंगे बल्कि पूर्व की परियोजनाओं की समीक्षा भी करेंगे। पीएमओं के मुताबिक इस दिन मोदी 16 परियोजनाओं की शिलान्यास करेंगे, जिसकी लागत तीन हजार करोड़ से अधिक है। इसमें तकरीबन पांच सौ करोड़ के प्रोजेक्ट पर्यटन विभाग के हैं  


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‘न तो मैं आया हूं और न ही मुझे भेजा गया है। मुझे तो मां गंगा ने यहां बुलाया है‘। ये स्लोगन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंदिरों के शहर बनारस में 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान काशीवासियों से कही थी। वादा था कि यदि काशीवासियों का आशीर्वाद मिला तो शिव की नगरी काशी को न सिर्फ विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनायेंगे, बल्कि गंगा को प्रदूषण मुक्त करने और बुनकरों की दशा सुधारेंगे। उसी संकल्प या यूं कहें वादे को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पांच बार काशी आ चुके हैं। वे जब भी आते है कुछ ना कुछ देकर ही जाते हैं। आंकड़े के मुताबिक अब तक मोदी बनारस को तकरीबन पांच हजार करोड़ की परियोजनाएं दे चुके हैं। उसी कड़ी में एक बार फिर मोदी 22 व 23 सितंबर को अपने संसदीय क्षेत्र में प्रवास करेंगे। इस दिन मोदी 16 परियोजनाओं की शिलान्यास करेंगे, जिसकी लागत तीन हजार करोड़ से अधिक है। इसमें तकरीबन पांच सौ करोड़ के प्रोजेक्ट पर्यटन विभाग के हैं। चूकि नवरात्र है तो वे काशी विश्वनाथ मंदिर, कालभैरव व दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। बता दें, मोदी पिछले पैंतीस वर्षो से चैत्र व कार्तिक दोनों ही नवरात्रि पर उपवास रखते हैं। नौ दिनों तक उपवास के दौरान वह सिर्फ नींबू-पानी व एक फल का सेवन करते हैं। फिरहाल, मोदी अपने इस दो दिवसीय दौरे पर अरबों रुपये के परियोजनाओं के रूप में काशीवासियों को उपहार देंगे। इसके अलावा पूर्व की योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। 

इन योजनाओं में सामनेघाट पुल, बलुआ पुल, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर, फुलवरिया फोरलेन, कोनिया पुल, शहरी गरीबों को आवास, कज्जाकपुरा व गरथौली विद्युत उपकेंद्र समेत उत्कर्ष बैंक मुख्यालय, मालवीय एथिक्स सेंटर, बीएचयू डी सेंट्रलाइज्ड वेस्ट टू एनर्जी पहड़िया एसटीपी, सीएचसी आराजीलाइन में 30 बेड मैटरनिटी विंग, चोलापुर थाने में अस्सी व्यक्तियों हेतु बैरक निर्माण, बुद्धा थीम पार्क, सारनाथ, सारंगनाथ तालाब सुंदरीकरण, गुरुधाम मंदिर में विकास कार्य, मारकंडेय महादेव, कैथी, कैथी में गंगा घाट का विकास, नगर निगम के 7 पार्को का सुंदरीकरण, बाबा दरबार में अन्न क्षेत्र भवन, रमना में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, मंदिरों को जोड़ने वाला पावन पथ सहित लगभग सवा सौ करोड़ रुपये के 21 परियोजनाओं प्रमुख है। बता दें, रमना में एसटीपी का निर्माण नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। जल निगम, गंगा नियंत्रण इकाई व एनएमसीजी की संयुक्त कमेटी गठित हो गई है। जो 45 दिन तक प्रोजेक्ट पर मंथन करने के बाद तैयार डिजाइन पर काम चालू कराएगी। एस्सेल ग्रुप की सहमति मिल गई है। कुल 153 करोड़ की लागत से एसटीपी बननी है। पेयजल आपूर्ति के लिए 50,028 नए कनेक्शन जारी किए जाने हैं। अब इसका टेंडर भी फाइनल हो चुका है, लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो रही है। अभी तक 1.80 लाख पेयजल कनेक्शनों के लिए रोज पेयजल आपूर्ति की जा रही है। अमृत योजना के तहत सात पार्को को संवारा जाएगा। इन सभी का टेंडर फाइनल हो चुका है, अब काम शुरू करने की तैयारी है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से नाटी इमली पार्क, रत्नाकर पार्क, चंद्रिका नगर, तिल भांडेश्वर, संजय नगर, सुंदरपुर व अशोक विहार पार्क का सुंदरीकरण होना है। यहां पाथवे, हाईमास्ट एलईडी, सोलर, बेंच, किट्स इक्विपमेंट, बुजुर्गो के लिए स्पेशल पाथवे आदि सुविधा होगी। नगर निगम दुर्गाकुंड व लक्ष्मीकुंड के सौंदर्यीकरण पर भी काम चल रहा हैं। दोनों कार्य करीब सवा चार करोड़ में होने है।  


इस बीच जरूरतमंदों के बीच सबसे बड़ा तोहफा होगा ‘पीएम आवास’। प्रधानमंत्री डीरका में भव्य कार्यक्रम के दौरान नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र के 17 हजार चयनित लाभार्थियों को आवास निर्माण की बाबत स्वीकृति प्रमाण पत्र देंगे। केंद्र की ओर से तीन साल में पहली बार गरीबों व जरूरतमंदों के लिए आवास को लेकर तोहफा दिया जाएगा। हालांकि अभी भी पीएम आवास (शहरी) में एक भी आवास की नींव नहीं रखी गई है। अभी सिर्फ लाभार्थियों के चयन की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस योजना में लाभार्थी की स्वयं की जमीन होगी। सरकार सब्सिडी के रूप में ढाई लाख रुपये प्रदान करेगी। रही बात पीएम आवास ग्रामीण की तो इसमें लाभार्थियों का चयन हो गया है। बहुतायत के खाते में प्रथम किस्त भी पहुंच गई है लेकिन बालू, गिट्टी की किल्लत की वजह से बहुतों ने निर्माण शुरू नहीं कराया है। लोग दीवार खींचने व छत डालने को लेकर अगली किस्त के इंतजार में हैं। इसके अलावा डीरेका में ही मोदी पांच हजार किसानों को ऋण माफी का प्रमाण पत्र देंगे। इसमें 1804 किसान पहले से ही चयनित हैं जो कतिपय कारणों से प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर सके थे। शेष नए किसान होंगे जिनकी राशि इस योजना में माफ की गई है। बताते हैं कि डीरेका की जनसभा में पीएम आवास योजना के 17 हजार लाभार्थियों व ऋण माफी के पांच हजार लाभार्थी किसानों को बुलाया गया है। इसके अलावा करीब 10 हजार पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी होंगे। 

इस दौरान मोदी अस्सी घाट पर आयोजित कार्यक्रम में भी जाएंगे। सूत्रों के अनुसार पीएम के लिए गंगा में पीपा पर मंच बनाया जाएगा। रात्रि विश्रम के बाद अगले दिन डीरेका में ही एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 16 परियोजनाओं का लोकार्पण व पांच कार्यक्रमों का शिलान्यास के संग सात हजार से अधिक पीएम आवास के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, किसान ऋण योजना के लाभार्थियों को ऋण माफी का प्रमाण पत्र आदि का वितरण करेंगे। आराजीलाइन के शहंशाहपुर में पशु आरोग्य मेला में भाग लेंगे। किसानों व पशुपालकों को संबोधित करने के बाद बाबतपुर से दिल्ली जाएंगे। इसके अलावा बड़ा लालपुर में 253 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ट्रेड फेसिलिटेशन सेंटर के दूसरे चरण का लोकार्पण भी करेंगे। दूसरे फेज में व्यापार सुविधा केंद्र, बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर सहित तीन अतिरिक्त फ्लोर निर्मित किए गए है। दो स्तरीय बेसमेंट में लगभग 400 चार पहिया वाहन खड़ी करने की सुविधा है। भूतल पर कार्यालय के अतिरिक्त 11 मार्ट, कन्वेशन सेंटर, फूड कोर्ट, 14 दुकानें, पूछताछ केंद्र, प्रवेश प्लाजा, आकर्षक व आधुनिक गैलरी, लगभग 2000 लोगों की क्षमता का हाल, है। सारनाथ स्थित सारंगनाथ महादेव मंदिर से लगे शिवकुंड का 2.92 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण किया गया है। इसके तीन तरफ दीवार बनाकर किनारे गजीबो बनाए गए हैं। सीढ़ियां-प्लेटफार्म राजस्थान के लाल पत्थरों से बनाए गए हैं। कुंड के बाहरी ओर सीढ़ियां गंदी पड़ी हैं। दरुगध से खड़ा होना मुश्किल है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर द्वारा श्रद्धालु हित में किए जा रहे पहले कार्य अन्नक्षेत्र निर्माण की भी प्रधानमंत्री आधारशिला रखेंगे। इसे जम्मू कोठी की जमीन पर 13 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। कोठी ध्वस्त करने के साथ नक्शा तैयार है। टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है।




--सुरेश गांधी--
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