2019 तक पूरा होगा भारत-नेपाल सीमा सड़क निर्माण, 1655 करोड़ मंजूर

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पटना 07 सितंबर, बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने आज बताया कि भारत- नेपाल सीमा पर राज्य के क्षेत्र में पथ निर्माण का कार्य वर्ष 2019 तक पूरा हो जायेगा और इसके निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 1655 करोड़ रूपये की मंजूरी दी है। श्री यादव ने यहां भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना की समीक्षा बैठक के बाद बताया कि सात जिलों से होकर गुजरने वाली 679 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए 1655 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने बताया कि इस सड़क निर्माण का पूरा खर्च केंद्र वहन करेगा जबकि भू-अर्जन के मद की राशि राज्य सरकार देगी। राज्य सरकार ने इसके लिए 2242 करोड़ रुपये आवंटित किया है। मंत्री ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के क्षेत्र में पश्चिम चम्पारण के गोबरहिया के निकट मदनपुर से प्रारंभ होकर यह सड़क किशनगंज के गलगलिया के निकट बंगाल बाॅर्डर के पास समाप्त होगी। इस सीमा सड़क से लाभान्वित होने वाले जिलाें में पश्चिम चम्पारण में 111.098 किलोमीटर, पूर्वी चम्पारण में 77.242 किलोमीटर, सीतामढ़ी जिले में 89.925 किलोमीटर, मधुबनी में 39.21 किलोमीटर, सुपौल में 40.99 किलोमीटर, अररिया में 102.128 किलोमीटर और किशनगंज जिले में 91.70 किलोमीटर की दूरी तक पथ का निर्माण होगा। 

श्री यादव ने बताया कि सामरिक दृष्टिकोण एवं स्थानीय लोगों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान की दिशा में इस सड़क का महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने बताया कि 552 किलोमीटर पथ का निर्माण राज्य उच्च पथ की विशेषताओं के अनुरूप टू-लेन में किया जा रहा है। शेष 127 किलोमीटर राष्ट्रीय उच्च पथ है, जिसके चैड़ीकरण एवं उन्नयन का कार्य प्रगति पर है। मंत्री ने बताया कि भू-अर्जन के मद की पूरी राशि संबंधित जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को उपलब्ध करा दी गई है। अब तक मात्र 60 प्रतिशत भू-अर्जन की कार्रवाई चिंताजनक है और इसे तेज करने का निदेश दिया गया गया है। साथ ही अधिकरण में लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन और बीते माह आई अभूतपूर्व बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के निर्माण के लिए प्राक्कलन देने तथा आवश्यक पुनरीक्षण प्रस्ताव तैयार कर अविलम्ब मुख्यालय को समर्पित करने के भी निर्देश दिये गये। श्री यादव ने बताया कि बैठक में भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के एलाईन्मेंट (आरेखन) में राज्य योजना (नाबार्ड) के तहत बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा निर्माणाधीन 121 लघु एवं वृहद् पुलों के निर्माण की समीक्षा की गई। इस क्रम में पुल निर्माण निगम एवं पथ निर्माण विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों को पथ का संयुक्त निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि कोई भी निर्मित पुल बिना पहुंच पथ के न रहे। 
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