मधुबनी : कलेक्टर ने की समीक्षा बैठक, जारी किये कई निर्देश

madhubani-dm-meeting-fro-development
मधुबनी, 14 सितम्बर; जिला पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक द्वारा गुरूवार को समाहरणालय स्थित सभागार में फूड पैकेट वितरण, अनुदान राशि हस्तांतरण, फसल क्षति सर्वे, गृह क्षति सर्वे आदि कार्यो की समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में बेनीपट्टी, बिस्फी, मधवापुर, मधेपुर और लौकही प्रखंड में फूड पैकेट वितरण की समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में आवश्यकता के अनुसार प्रखंडों में और फूड पैकेट भेेजने की बात कही गयी तथा प्राप्त फूड पैकेट का वितरण शीघ्र करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने संबंधित अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी को विषेष निगरानी बरतने का निर्देश दिया। जिला पदाधिकारी ने अनुदान वितरण में पारदर्शिता बरतने को लेकर अंचल अधिकारी को अनुदान राशि के लाभुकों की सूची जिला सूचना पदाधिकारी (एनआईसी) के माध्यम से जिले के वेवसाईट पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी को फसल क्षति की सूची वेवसाईट पर अंचलवार सूची बनाकर एनआईसी के माध्यम से प्रदर्षित करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारी को गृह क्षति से संबंधित सूची भी जिले के वेवसाईट पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि वेवसाईट पर प्रदर्शित करने के बाद लोग अपने दावा/आपत्ति की सूचना संबंधित अंचल अधिकारी और पदाधिकारी को दे सकते है। जिसकी जांच की जायेगी। जिला पदाधिकारी ने फसल क्षति और गृह क्षति में जियो टैग से फोटो लेकर ही सर्वे कार्य करने का निदेष दिया गया। उन्होंने कहा कि वैसे स्थलों पर जहां फूड पैकेट वितरण को लेकर विवाद हो, वहां दो जगहों पर वितरण की व्यवस्था करने को कहा गया। तत्पश्चात जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स के सदस्य और चिकित्सकों के साथ बैठक की गयी। बैठक में पल्स पोलियो चक्र, मिशन इंद्रधनुष, और कालाजार से संबंधित मामलों की समीक्षा की गयी। जिला पदाधिकारी द्वारा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को आपसी समन्वय स्थापित कर टीकाकरण कार्य को सफलतापूर्वक करने का निर्देश दिया गया। साथ ही आंगनवाड़ी सेविकाओं, नेहरू युवा केन्द्र के सदस्यों तथा एनसीसी के सदस्यों का भी सहयोग सर्वे कार्य में लेने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने आये दिन अस्पतालों में हो रही घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि चिकित्सक छोटे-मोटे मामले में भी टाल-मटोल कर मरीज को रेफर कर देते है, जिससे परिजनों में असंतोष का माहौल कायम होता है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सभी चिकित्सक छोटे-मोटे मामले को रेफर नहीं करते हुए मरीज को तत्काल चिकित्सा मुहैया कराये। उन्होंने सिविल सर्जन को सभी अस्पतालों में सीसीटीवी लगाने तथा सभी अस्पतालों में सुरक्षा गार्ड की तैनाती के लिए टेंडर की प्रक्रिया को शीघ्र करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सिविल सर्जन, डीपीएम, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...