न्यू इंडिया का संकल्प एक क्रांति है, कर्तव्यों का निर्वहण ईमानदारी से करना होगा : डा. लुईस मराण्डी

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दुमका (अमरेन्द्र कुमार/ बी बी सारस्वत) त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्था के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का जिलास्तरीय पंचायत सम्मेलन (न्यू इंडिया मंथन, संकल्प से सिद्धि) का शुभारंभ मंत्री समाज कल्याण डॉ लुईस मरांडी ने दीप प्रज्वलित कर किया। संकल्प समारोह में मंत्री डाॅ लुईस मरांडी ने दुमका जिला के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि (जिला परिषद सदस्य/पंचायत समिति सदस्य/मुखिया/ग्राम पंचायत सदस्य को संकल्प दिलाया। सभा में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए मंत्री डा0 लुईस मराण्डी ने कहा कि न्यू इंडिया का संकल्प एक क्रांति है। इसे हमें अपने अन्दर उतारना है तथा कर्तव्यों का निर्वहण पूरी ईमानदारी से करना है तभी समाज की कूरितियां समाप्त होगी। सरकार के विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन से ही हम नये झारखण्ड का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने महिलाओं की समस्या पर फोकस किया है जिसका उदाहरण उज्ज्वला गैस योजना, शौचालय निर्माण इत्यादी जो की देष की आधी आबादी से संबंधित है और एक क्रांती का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी के नये भारत के सपने को साकार करना हमारा फर्ज है। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ एक उत्तरदायी प्रशासन और लोगों के बीच जागरूकता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में असली बदलाव केवल सार्वजनिक भागीदारी के जरिए ही लाया जा सकता है।



दुमका के उपायुक्त मुकेश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दुमका को संकल्प से सिद्धि तक पहुंचाना है। विकास के कार्यों को वंचित समुह तक ले जाना है। जिसके लिए सभी जन प्रतिनिधि पर ये जिम्मेदारी बनती है कि सभी योजनाओं को पारदर्षिता से बिना अनियमितता के विष्वसनियता एवं ईमानदारी से लागु करें। इसके अतिरिक्त जन जागरूकता आम लोगों तक पहुंचाने की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि षिक्षा के मामले में दुमका जिले को जीरो डाॅप आउट घोषित करना हमारा लक्ष्य है। सभी जनप्रतिनिधि यह सुनिष्चित करें कि उनके क्षेत्र के सभी विद्यालय खुले रहें। षिक्षक षिक्षिकायें एवं छात्र छात्राओं की उपस्थिति तथा षिक्षा की गुणवत्ता पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा की दुमका को विकास की ओर लेजाना है तो षिक्षा सबसे अहम है, इसके बिना विकास अधुरा है। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत दुमका परिसदन में ”दमकता दुमका-क्ं्र्रसपदह क्नउां” अभियान का शुभारंभ किया है। जिसके तहत दुमका जिला को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाना है और अगले एक वर्ष में इसे एक आइडियल जिले के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजन किये जा रहे है। उपायुक्त ने कहा कि विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी 10 प्रखण्डों की समीक्षा की जा रही है। विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम प्रखंड स्तर पर चल रहे विकास कार्यों यथा शौचालय निर्माण, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रति सप्ताह विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अब जिला स्तर से प्रखण्डों एवं अंचलों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की जायेगी।  डिजीटल साक्षरता को जन-जन तक पहुँचाने हेतु PMGDISHAA  कार्यक्रम को एक अभियान के रूप में दुमका जिले में संचालित किया जा रहा है। इस योजना के तहत जिले के 23817 व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया है, जो राज्य भर के सभी जिलों में सर्वाधिक है। झारखण्ड के 24 जिलों में दुमका नम्बर 1 पर है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को कंप्यूटर या डिजिटल एक्सेस डिवाइस जैसे स्मार्ट फोन, कम्प्यूटर आदि संचालित करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करती है, ई-मेल भेजने, प्राप्त करने, इंटरनेट ब्राउज करने, सरकारी सेवाएं एक्सेस करने, सूचना के लिए खोज, डिजिटल भुगतान करने के लिए आदि और इसलिए राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी और संबंधित अनुप्रयोगों, विशेष रूप से डिजिटल भुगतान का उपयोग करने में सक्षम बनाते हैं।

इस योजना का उद्देश्य डिजिटल डिवाइड को पुल करना है, विशेषकर ग्रामीण आबादी को लक्षित करना, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल), महिलाओं और अलग-अलग विकलांग व्यक्तियों और अल्पसंख्यक हैं। उन्होेंने कहा कि दुमका जिला में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दुमका जिला ने निर्धारित लक्ष्य से 1 लाख 30 हजार से कहीं ज्यादा बीमा करवाया है। लक्ष्य की प्राप्ति सामुहिक प्रयास का नतीजा है। इसी प्रकार हरएक योजना को लागु करने में टीम वर्क की आवश्यक है। उपायुक्त ने फिर एक बार स्वच्छता अभियान पर बल देते हुए कहा कि दुमका जिला को 2018 तक ओडीएफ करना है जिसके लिए सभी को समुह के रूप में संकल्प लेने की जरूरत है। शौचालयों के निर्माण के साथ-साथ इसका इस्तेमाल भी करना आवष्यक है। ये एक बहुत बड़ा लक्ष्य है जिसे हम टीम वर्क के जरीये ही चरण बद्ध तरीके से प्राप्त कर सकते है। अंत में उन्होंने सभी जन प्रतिनिधि एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि आज जो हमने संकल्प लिया उसकी सिद्धि (प्राप्ति) के लिए सामुहिक, सकारात्मक तथा सतत प्रयास की आवष्यकता है। सम्मेलन को जिला परिषद अध्यक्षा जोयेस बेसरा, जिला परिषद उपाध्यक्ष असीम मंडल ने भी सम्बोधित किया। सम्मेलन का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उप विकास आयुक्त शशि रंजन ने कहा कि संकल्प है कि पांच वर्षाें में अर्थात 2022 में सिद्धि तक ले जाना है।

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