डॉल्फिन का हर साल होगा सर्वेक्षण : सुशील

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पटना 05 अक्टूबर, बिहार के पर्यावरण एवं वन मंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्य में डॉल्फिन संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दुहराते हुये आज कहा कि चौसा से झारखंड के साहेबगंज के बीच प्रत्येक वर्ष डॉल्फिन का सर्वेक्षण कराया जाएगा। श्री मोदी ने राष्ट्रीय डाॅल्फिन दिवस एवं वन्य प्राणी सप्ताह के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार डाॅल्फिन संरक्षण के लिये हर संभव प्रयास करेगी। इसके लिये चौसा से साहेबगंज के बीच प्रतिवर्ष डाॅल्फिन सर्वेक्षण का कार्य कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में डाॅल्फिन से संबंधित विभिन्न महत्त्वपूर्ण स्थलों पर अगले वर्ष से डाॅल्फिन सप्ताह का आयोजन होगा ताकि इनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक बनाया जा सके। उन्होंने डाॅल्फिन को बचानेवाले व्यक्ति को एक माह के अन्दर पुरस्कार देने का निर्देश देते हुये कहा कि भविष्य में भी ऐसे लोगों को पुरस्कृत किया जायेगा। मंत्री ने कहा कि भागलपुर के बटेश्वर स्थान से इसी माह 24 सीट वाली नौका का परिचालन शुरू होगा, जिससे पर्यटक डाॅल्फिन देखने के साथ ही बटेश्वरनाथ मंदिर का दर्शन एवं विक्रमशिला विश्वविद्यालय का भ्रमण कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पटना विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय डाॅल्फिन शोध केन्द्र की स्थापना की जायेगी। उन्होंने डाॅल्फिन पर फिल्म बनाने का निर्देश देते हुये कहा कि राजधानी पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में आॅडिटोरियम तैयार हो चुका है जहां लोग वन्य जीवन पर आधारित फिल्में देख सकेंगे। श्री मोदी ने गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए केन्द्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना की चर्चा करते हुये कहा कि केंद्र की 4275 करोड़ रुपये की स्वीकृत विभिन्न परियोजनाओं में से 20 परियोजनायें बिहार के लिये हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से चार परियोजनायें पटना की हैं। उन्होंने कहा की शोधित जल का इस्तेमाल सिंचाई के लिये होगा, न कि उन्हें फिर से गंगा में बहने दिया जायेगा। नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा नदी के किनारे पांच किलोमीटर तक एवं इसकी सहायक नदियों के किनारे दो किलाेमीटर तक वृक्षारोपण किया जायेगा, जिस पर इस वर्ष 18.88 करोड़ रुपये खर्च होगें। मंत्री ने डाॅल्फिन जैसी विलुप्तप्राय प्राणियों को बचाने एवं गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लेने के लिए लोगों का आह्वान करते हुये कहा कि यह सृष्टि मनुष्य के अलावा पशु-पक्षियों एवं अन्य प्राणियों के लिये भी है। उन्हाेंने कहा कि पारिस्थितिकी संतुलन के लिये इनका सह-अस्तित्व आवश्यक है। इस मौके पर श्री मोदी ने ‘साईकिल चलाओ, पर्यावरण बचाओं’ अभियान तथा स्थल चित्रकारी, क्विज एवं पोस्ट मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने गरूड़ संरक्षण संबंधी प्रतिवेदन तथा बरेला झील एवं कुशेश्वर स्थान पक्षी आश्रयणी योजनाओं से संबंधित पुस्तकों का विमोचन भी किया।

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