पेशावर में कालेज हॉस्टल पर आतंकी हमला, 14 की मौत

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पेशावर, 1 दिसम्बर, बुर्का पहने आतंकवादियों ने पाकिस्तान के पेशावर में कृषि प्रशिक्षण संस्थान के छात्रावास पर हमला कर दिया। हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई जिनमें ज्यादातर छात्र हैं।  अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों और चिकित्सकों के हवाले से बताया है कि हमले में मरने वालों की संख्या के बढ़ने की आशंका है। इस हमले में 25 लोग घायल हुए हैं। जियो न्यूज के अनुसार, यह हमला सुबह के समय हुआ। बुर्का पहने हुए तीन से पांच संदिग्धों ने इमारत में प्रवेश किया और तीन धमाके सुने गए जिसके बाद छात्रावास में आग लग गई। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान ने ली है। हमले के प्रत्यक्षदर्शी एक छात्र ने कहा कि आमतौर पर छात्रावास में लगभग 400 छात्र होते हैं लेकिन शुक्रवार को पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले ईद मिलाद-उन-नबी के अवकाश के कारण छात्रावास में केवल 150 छात्र ही मौजूद थे। छात्र ने कहा कि जैसे ही दो आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू की, भयभीत छात्र शरण लेने के लिए दौड़े। कुछ को गोली लगी और कुछ घायल हुए जबकि अन्य छात्र खिड़कियों से कूद गए। पुलिस के अनुसार, रिक्शे से आए हमलावरों ने पहले दरवाजे पर खड़े चौकीदार को गोली मारी और फिर छात्रावास की ओर बढ़े। सुरक्षा बल शुरुआत में हमले से अवाक रह गए लेकिन फिर आतंकवादियों का मुकाबला किया।

समाचार एजेंसी एफे ने पेशावर के पुलिस अधिकारी बशीर दाद के हवाले से बताया, "कुल पांच आतंकवादी मारे गए हैं। मरने वालों में आठ छात्र और एक चौकीदार शामिल हैं।" पाकिस्तान के प्रमुख तालिबान समूह तहरीक-ए-तालिबान ने एक बयान जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली है। बयान में कहा गया कि समूह के तीन आतंकवादियों ने हमले को अंजाम दिया। बयान में कहा गया कि हमलावरों ने दर्जनों लोगों को मारा और यह दावा किया यह संस्थान एक विश्वविद्यालय नहीं बल्कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक गुप्त केंद्र है। समूह ने कहा, "यह हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों द्वारा तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और निरंकुश लोगों विशेषकर कैदियों एवं मौलवियों पर निरंतर की जा रही क्रूरता का जवाब है।" छात्रावास की इमारत से आत्मघाती जैकेट, तीन ग्रेनेड, दो बम और एक पिस्तौल बरामद की गई। डॉन न्यूज ने खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री परवेज खट्टक के हवाले से बताया कि हालांकि, पुलिस सर्तक थी लेकिन यह घटना अचानक हो गई। परवेज खट्टक ने कहा, "पुलिस आई और हालात पर नियंत्रण किया.. ईद मिलाद-उन-नबी को ध्यान में रखते हुए पहले से सुरक्षा के इंतजाम थे। गोलीबारी शुरू होने के तुरंत बाद हमारी पुलिस वहां पहुंच गई..अभी हम मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।" यह पाकिस्तान में किसी विश्वविद्यालय पर पहला हमला नहीं है। तालिबान ने जनवरी 2016 में चारसादा में बाचा खान विश्वविद्यालय पर भी हमला किया था जिसमें 25 लोगों की मौत हुई थी। सबसे भयावह हमला दिसम्बर 2014 में पेशावर के एक स्कूल पर हुआ था जिसमें मारे गए 151 लोगों में अधिकांश बच्चे थे।
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