दरभंगा : देश की जिम्मेवारी युवाओं के कंधे पर : पद्मश्री मानस

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दरभंगा 28 जनवरी, लड़ाकू विमान तेजस के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के साथ ही विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित सम्मान पद्मश्री से नवाजे गये वैज्ञानिक डॉ. मानस बिहार वर्मा ने आज कहा कि देश को ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेवारी युवाओं पर है। डॉ. वर्मा ने कहा, “हम खुद को विश्व शक्ति के तौर पर पेश करने जा रहे हैं। ऐसे में युवाओं के कंधे पर काफी भार है। उन्होंने कहा कि चूंकि हमलोग युवा राष्ट्र की श्रेणी में आते हैं इसलिए यह जरूरी है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास का काम हो। देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेवारी अब युवाओं पर है।” पद्मश्री ने कहा कि इस बात का तनिक भी आभास नहीं था कि इस वर्ष उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। यह सम्मान टीमवर्क से मिला है और इसके लिए वह अपने तमाम सहयोगियों के आभारी हैं। उन्होंने अपने उच्च विद्यालय के शिक्षक रहे वनखंडी झा, लक्ष्मीनारायण झा, शम्सुल साहेब और अपने अग्रज क्रांति बिहारी वर्मा को विशेष रूप से याद करते हुए कहा, “मैं हर किसी से प्रेरणा ग्रहण करता हूं। मेरी सीखने की प्रक्रिया अभी तक जारी है। मेरा जीवन पूर्व राष्ट्रपति एंव सहयोगी रहे डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, डाॅ. कोटा हरिनारायण, डाॅ. टी. जी. पाई, डाॅ. के. वी. राय, डाॅ पी. एन. ए. पी राय, मिस्टर कटी एवं श्रीवत्स से प्रेरित रहा है।” उल्लेखनीय है कि डॉ. वर्मा का जन्म दरभंगा जिले में घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव में वर्ष 1946 में हुआ था। उन्होंने वायुसेना में शामिल लड़ाकू विमान तेजस के विकास की नींव रखी थी। वह आज भी गांव-गांव जाकर बच्चों में विज्ञान का अलख जगा रहे हैं। दरभंगा में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में स्थापित बिहार के पहले महिला इंजीनियरिंग कॉलेज खुलवाने का श्रेय तात्कालीन कुलपति डाॅ. राजमणि प्रसाद सिन्हा एवं श्री वर्मा को ही जाता है। 
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