अवैध रेत कारोबारियों संग शिवराज की तस्वीर जारी

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भोपाल, 8 जनवरी, मध्य प्रदेश में रेत का अवैध खनन एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का उनके विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन कर रहे रेत कारोबारियों को संरक्षण मिला हुआ है। आरोप साबित करने के लिए विपक्षी पार्टी ने तस्वीर जारी की है, जिसमें मुख्यमंत्री अवैध खनन से जुड़े कारोबारियों के साथ दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस द्वारा जारी तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री चौहान के प्रमुख सचिव एस.के. मिश्रा ने इसे सार्वजनिक कार्यक्रम की तस्वीर और सामान्य बात करार दिया। कांग्रेस नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सोमवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि नसुरुल्लागंज में चार हेक्टेयर क्षेत्र में रेत उत्खनन का ठेका लेकर 500 एकड़ में अवैध उत्खनन करने वाले रेत माफिया को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा खुलेआम सरंक्षण दिया जा रहा है। सिंह ने आरोप लगाया कि रविवार को जब मुख्यमंत्री इंदौर में डीपीएस बस दुर्घटना में मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करने गए थे, तब उनके साथ उनके विधानसभा क्षेत्र में रेत उत्खनन करने वाले डीजीयाना ग्रुप के चेयरमैन तेजेंदर सिंह और उनके पार्टनर अमित मोदी पूरे समय उनके साथ थे। सिंह ने कहा कि इससे पता चलता है कि सरकार की नई रेत नीति एक दिखावा है। प्रदेश की पंचायतों और जनता को एक और धोखा देने का कारनामा है। आज भी प्रदेश में रेत का उत्खनन माफियाओं के कब्जे में है।

कांग्रेस नेता के आरोपों को लेकर जब मुख्यमंत्री चौहान के प्रमुख सचिव एस.के. मिश्रा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने आईएएनएस से कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रम में कोई भी व्यक्ति आकर मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचा लेता है। वह व्यक्ति कौन है, उसका कारोबार क्या है, इसे कोई नहीं जानता और न पूछता है। उन्होंने कहा, "जहां तक डिजीयाना वाले की बात है, उसे न तो मैं जानता हूं और न ही मुख्यमंत्री। वह कोई अपॉइंटमेंट लेकर तो मिला नहीं होगा। जो तस्वीर होगी वह सार्वजनिक कार्यक्रम की होगी।" नेता प्रतिपक्ष सिंह का आरोप है कि मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र और उनका गृह जिला रेत माफिया के लिए स्वर्ग बन गया है। शिवा कंस्ट्रक्शन के बाद इन दिनों बुधनी विधानसभा क्षेत्र का रेत का हब नसरूल्लागंज बन गया है, जहां पिछले तीन साल से डीजीयाना ग्रुप को चार हेक्टेयर क्षेत्र की चार खदानें उत्खनन के लिए आवंटित की गई हैं, लेकिन अनुमान है कि यह ग्रुप 500 एकड़ क्षेत्र में अवैध उत्खनन कर रहा है। सिंह ने कहा कि स्थानीय सरपंच, उप-सरपंच, जनप्रतिनिधियों ने लगातार जिम्मेदार अधिकारियों को डीजीयाना ग्रुप के माइनिंग की नपती कराने और अवैध उत्खनन की शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "अवैध उत्खनन और नर्मदा मां की छाती छलनी करने के मामले में पूरा बुधनी क्षेत्र बदनाम है। यह वह क्षेत्र है जहां पर फर्जी तरीके से रायल्टी वसूली जा रही थी, इतना ही नहीं राजसात किए गए वाहनों को जिलाधिकारी के फर्जी आदेश से रेत माफिया छुड़ाकर ले गया। यह वह इलाका बन चुका है, जहां पर अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन रोकने पर शासकीय अमले पर खुलेआम हमले किए जाते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि सबसे दुर्भाग्यजनक यह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का यह गृह जिला एवं विधानसभा क्षेत्र भी है। इतना ही नहीं, नई रेत नीति बनाकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का अपराध मुख्यमंत्री ने किया है। उन्होंने कहा कि रेत माफियाओं को अपने साथ लेकर घूमने वाले मुख्यमंत्री की मंशा क्या है, यह स्पष्ट है।
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