केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आनंद की राष्ट्रीयता पर सवाल उठाने के बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय को उनको सम्मानित करने का कार्यक्रम टालना पड़ा। आनंद के पास भारतीय पासपोर्ट है लेकिन वह स्पेन में रहते हैं।
अपने मंत्रालय का नाम विवाद में आने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने आनंद से बात की और माना जा रहा है कि उन्होंने आनंद से सम्मान स्वीकार करने की अपील की।
मीडिया में विलंब की खबरे आने के बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय ने मंगलवार रात आनंद को डॉक्ट्रेट की उपाधि से सम्मानित करने का कार्यक्रम करने का फैसला किया था।
विश्वविद्यालय के गणित विभाग के प्रमुख रजत टंडन ने कहा कि हम आनंद को मानद डॉक्ट्रेट की उपाधि देने को तैयार हैं। डॉक्ट्रेट में केवल विलंब हुआ है और इससे इंकार नहीं किया गया, क्योंकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस शतरंज चैम्पियन की राष्ट्रीयता पर संदेह जताया है।
टंडन ने कहा कि हमें इस साल जुलाई के आसपास पता चला कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय आनंद की राष्ट्रीयता को लेकर संदेह कर रहा है। हमने उन्हें कई स्पष्टीकरण भेजे लेकिन फिर भी उन्होंने मानद डॉक्ट्रेट देने की फाइल स्वीकृत नहीं की।
यहां गणित पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय ने आनंद और हावर्ड यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ डेविड ममफोर्ड को सम्मानित करने की योजना बनाई थी। विवाद को देखते हुए टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय ने मंगलवार रात आनंद को सम्मानित करने के लिए समारोह के आयोजन की योजना बनाई लेकिन इस चैम्पियन ने विवाद को देखते हुए इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
टंडन ने कहा कि कई स्पष्टीकरण देने के बाद और यहां तक कि आनंद के पासपोर्ट की प्रति जमा कराने के बावजूद मंत्रालय ने फाइल को रोककर रखा।

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