कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पांच निर्दलीय विधायकों को अयोग्य ठहराने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को बरकरार रखा है। अध्यक्ष श्री के.जी. बोपइय्या ने दल-बदल कानून के तहत इन पांचों विधायकों को विधानसभा की सदस्यता को अयोग्य ठहरा दिया था।
न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना, न्यायमूर्ति मोहन शान्तनागौदर और न्यायमूर्ति एस.अब्दुल नजीर की पीठ ने इन निर्दलीय विधायकों की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा है कि अध्यक्ष के फैसले से वैधानिक स्थिति का उल्लंघन नहीं हुआ। याचिकाकर्ताओं की दलीलों को खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि मतदाताओं को इस बात का अधिकार है कि वे दल-बदल के लिए अपने विधायकों के खिलाफ याचिका दायर करें। विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार से समर्थन वापस लेने और व्हिप का उल्लंघन करने के आरोप में इन पांचों निर्दलीय विधायकों को अयोग्य ठहरा दिया था।
न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना, न्यायमूर्ति मोहन शान्तनागौदर और न्यायमूर्ति एस.अब्दुल नजीर की पीठ ने इन निर्दलीय विधायकों की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा है कि अध्यक्ष के फैसले से वैधानिक स्थिति का उल्लंघन नहीं हुआ। याचिकाकर्ताओं की दलीलों को खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि मतदाताओं को इस बात का अधिकार है कि वे दल-बदल के लिए अपने विधायकों के खिलाफ याचिका दायर करें। विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार से समर्थन वापस लेने और व्हिप का उल्लंघन करने के आरोप में इन पांचों निर्दलीय विधायकों को अयोग्य ठहरा दिया था।

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