उल्फा नेता प्रधानमंत्री से मिले. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 15 फ़रवरी 2011

उल्फा नेता प्रधानमंत्री से मिले.

उल्फा नेताओं से सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुलाकात कर उन्हें पूरे मनोबल के साथ केन्द्र से वार्ता जारी रखने को कहा। वहीं उल्फा प्रमुख अरबिंद राजखोवा ने भी विश्वास दिलाया कि वे राज्य में शांति कायम रखने के लिए तैयार है।

असम में पिछले 30 सालों से जारी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों उल्फा से वार्ता आरम्भ की। उल्फा के अध्यक्ष अरविंद राजखोवा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में स्वयंभू सचिव चौधरी भी शामिल थे। उल्फा के स्वयंभू विदेश सचिव सशाधर चौधरी ने कहा कि संगठन की बुनियादी मांग है कि संविधान को पूरी तरह परखकर त्रुटियों में सुधार किया, क्योंकि प्रभुसत्ता ही ऎसा यंत्र है, जिसकी बदौलत देश की शासन व्यवस्था चलाई जा सकती है।

असम के एक सबसे बडे विद्रेही संगठन, उल्फा ने असमी नागरिकों के लिए एक अलग देश की मांग को लेकर 1979 से लडाई लडी है। असम में सरकारी बलों और विभिन्न विद्रोही संगठनों के बीच लडाई में कम से कम 10,000 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश नागरिक रहे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: