उल्फा नेताओं से सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुलाकात कर उन्हें पूरे मनोबल के साथ केन्द्र से वार्ता जारी रखने को कहा। वहीं उल्फा प्रमुख अरबिंद राजखोवा ने भी विश्वास दिलाया कि वे राज्य में शांति कायम रखने के लिए तैयार है।
असम में पिछले 30 सालों से जारी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों उल्फा से वार्ता आरम्भ की। उल्फा के अध्यक्ष अरविंद राजखोवा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में स्वयंभू सचिव चौधरी भी शामिल थे। उल्फा के स्वयंभू विदेश सचिव सशाधर चौधरी ने कहा कि संगठन की बुनियादी मांग है कि संविधान को पूरी तरह परखकर त्रुटियों में सुधार किया, क्योंकि प्रभुसत्ता ही ऎसा यंत्र है, जिसकी बदौलत देश की शासन व्यवस्था चलाई जा सकती है।
असम के एक सबसे बडे विद्रेही संगठन, उल्फा ने असमी नागरिकों के लिए एक अलग देश की मांग को लेकर 1979 से लडाई लडी है। असम में सरकारी बलों और विभिन्न विद्रोही संगठनों के बीच लडाई में कम से कम 10,000 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश नागरिक रहे हैं।
असम में पिछले 30 सालों से जारी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों उल्फा से वार्ता आरम्भ की। उल्फा के अध्यक्ष अरविंद राजखोवा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में स्वयंभू सचिव चौधरी भी शामिल थे। उल्फा के स्वयंभू विदेश सचिव सशाधर चौधरी ने कहा कि संगठन की बुनियादी मांग है कि संविधान को पूरी तरह परखकर त्रुटियों में सुधार किया, क्योंकि प्रभुसत्ता ही ऎसा यंत्र है, जिसकी बदौलत देश की शासन व्यवस्था चलाई जा सकती है।
असम के एक सबसे बडे विद्रेही संगठन, उल्फा ने असमी नागरिकों के लिए एक अलग देश की मांग को लेकर 1979 से लडाई लडी है। असम में सरकारी बलों और विभिन्न विद्रोही संगठनों के बीच लडाई में कम से कम 10,000 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश नागरिक रहे हैं।

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