सांसदों को दिल्ली में अपनी गाड़ियों में लालबत्ती न लगा पाने का मलाल है। लाल बत्ती की ख्वाहिश के मारे सांसदों ने विशेषाधिकार समिति से फरियाद की है कि उन्हें भी गाड़ियों में लाल बत्ती लगाने की अनुमति मिले।
सांसदों की इस अतृप्त इच्छा को पूरी कराने के लिए कांग्रेस सांसद अवतार सिंह भडाना ने विशेषाधिकार समिति को पत्र लिखकर मांग की है कि कई राज्यों में सांसदों को लालबत्ती की सुविधा है मगर दिल्ली में नहीं है। दिल्ली में इसे लागू किया जाए। इस पत्र पर कम से कम सौ सांसदों के हस्ताक्षर हैं जिसमें भाजपा,कांग्रेस,बसपा,माकपा समेत तमाम दलों के सदस्य शामिल हैं। हालांकि भाजपा ने इस पत्र से किनारा कर लिया है।
सांसदों की चिट्ठी में दिल्ली में लालबत्ती के अलावा और कई विशेषाधिकारों की मांग की गई है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्गो पर टोल न देने की छूट। सांसदों की दलील है कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र के कामकाज के सिलसिले में बार-बार टोल बूथ पार करने पड़ते हैं। इसके अलावा इन बूथों पर भीड़-भाड़ रहती है जिससे उनके कामकाज में देरी हो जाती है।
सांसदों को सरकार की ओर से जारी प्रोटोकॉल की वरीयता सूची पर भी एतराज है। उनका कहना है कि क्षेत्र के नुमाइंदे के नाते उनकी जिम्मेदारी काफी अहम है जबकि वरीयता सूची में उन्हें 21वें नंबर पर रखा गया है। सांसदों की मांग है कि उन्हें प्रोटोकॉल की वरीयता में 11वें नंबर पर रखा जाए। इस पत्र के बारे में सवाल का जवाब देते हुए भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन का कहना था कि उनकी पार्टी की ओर से लालबत्ती की कोई मांग नहीं की गई है। हुसैन ने चुटकी ली कि लालबत्ती जनता की इच्छा से मिलती है और यूपीए सरकार की हालात देखकर लगता है कि भाजपा नेताओं को जल्द ही लालबत्ती हासिल हो जाएगी।

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