मनमोहन सिंह का वक्तव्य निराशाजनक: नीतीश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 17 अगस्त 2011

मनमोहन सिंह का वक्तव्य निराशाजनक: नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि अन्ना हजारे प्रकरण पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का संसद में दिया गया वक्तव्य निराशाजनक है, क्योंकि केंद्र में बैठे लोग इस शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने पर आमादा हैं।

नीतीश ने एक कार्यक्रम से कहा कि अन्ना हजारे और उनके समर्थकों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन के खिलाफ की गयी कार्रवाई पर प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया वक्तव्य निराशाजनक है। केंद्र में बैठे लोग इसे कुचलने पर आमादा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अबतक प्रधानमंत्री इस मुद्दे को लेकर मौन व्रत धारण किये हुए थे। मौनव्रत तोड़ने पर उनका वक्तव्य निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में लोगों का व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। केंद्र में बैठे लोगों को दीवार पर लिखी इबारत को समझना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रकट करने की आजादी है। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन से सरकार को कैसा खतरा है यह हम सभी के समझ से परे है। हजारे तथा उनके समर्थकों को हिरासत में लेने के बाद तिहाड़ जेल भेजे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में बैठे लोग आपातकाल का पूर्वाभ्यास कर रहे हैं। लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटा जा रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं: