झारखंड में कोयले से 1500 करोड़ रू की आमदनी. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 17 अगस्त 2011

झारखंड में कोयले से 1500 करोड़ रू की आमदनी.

देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्य झारखंड में पहली बार कोयले पर लगाए गए केंद्रीय उत्पाद शुल्क से सरकार को इस वर्ष करीब 1500 करोड़ रूपए की आमदनी होगी। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग के बिहार झारखंड सर्किल के मुख्य आयुक्त बिश्वजीत दत्ता ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि कोयले पर पिछले वर्ष तक विभाग द्वारा मात्र उपकर सेस लगाया जाता था। लेकिन इस वर्ष से पहली बार इसे उत्पादक शुल्क के दायरे में लाया गया है। इससे करीब 1500 करोड़ रू की आमदनी होगी।

 बिहार झारखंड में इस वर्ष विभाग की वार्षिक वसूली भी पिछले वर्ष से अधिक रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार ने बिक्री कर वैट आदि को मिला कर बनाए जाने वाले प्रस्तावित एकीकृत गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स जीएसटी का विरोध नहीं किया है। मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे कई राज्य इसके विरोध में हैं

कोई टिप्पणी नहीं: