देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्य झारखंड में पहली बार कोयले पर लगाए गए केंद्रीय उत्पाद शुल्क से सरकार को इस वर्ष करीब 1500 करोड़ रूपए की आमदनी होगी। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग के बिहार झारखंड सर्किल के मुख्य आयुक्त बिश्वजीत दत्ता ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि कोयले पर पिछले वर्ष तक विभाग द्वारा मात्र उपकर सेस लगाया जाता था। लेकिन इस वर्ष से पहली बार इसे उत्पादक शुल्क के दायरे में लाया गया है। इससे करीब 1500 करोड़ रू की आमदनी होगी।
बिहार झारखंड में इस वर्ष विभाग की वार्षिक वसूली भी पिछले वर्ष से अधिक रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार ने बिक्री कर वैट आदि को मिला कर बनाए जाने वाले प्रस्तावित एकीकृत गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स जीएसटी का विरोध नहीं किया है। मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे कई राज्य इसके विरोध में हैं

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें