केंद्रीय मंत्री शरद पवार पर आज यहां एक शख्स ने हमला कर दिया। इसी शख्स ने पूर्व मंत्री सुखराम पर कोर्ट परिसर में हमला किया था। शरद पवार इफको के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गुरुवार को एनडीएमसी सेंटर पहुंचे थे। तभी हरमिंदर सिंह नाम के इस शख्स ने शरद पवार को थप्पड़ जड़ दिया। इस युवक का कहना है कि वह महंगाई को लेकर शरद पवार के बयान से नाराज था।
शरद पवार पर इस हमले के बाद कांग्रेस ने यशवंत सिन्हा के इस बयान की निंदा की है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यशवंत सिन्हा का बयान गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए यशवंत सिन्हा की ही बयान जिम्मेदार है।
बीजेपी नेता माया सिंह ने कहा, ‘यशवंत सिन्हा ने कुछ गलत नहीं कहा है। स्थित और गंभीर हो सकती है। हालांकि मैं इस घटना की निंदा करती हूं। यूपीए सरकार को महंगाई को लेकर मौजूदा हालात को गंभीरता से लेना चाहिए। केंद्र सरकार को सोचना चाहिए कि महंगाई से आम आदमी को क्या कीमत चुकानी पड़ती है।’ बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कहा, ‘लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। मैं इस घटना की निंदा करती हूं लेकिन महंगाई को लेकर हम संसद में आवाज उठा रहे हैं और सड़क पर भी उठाएंगे।’
शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से जब पत्रकारों ने इस घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘आखिर हुआ क्या है। पहले तो मैं अपने पिता से मिलना चाहूंगी।’ हालांकि शरद पवार का कहना है कि इस घटना को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। यशवंत सिन्हा ने कहा था, ‘अगर सरकार का यही रवैया रहा तो हम तो नाउम्मीद होंगे ही, देश की जनता भी पूरी तरह नाउम्मीद हो जाएगी। हमें लगता है कि सरकार महंगाई पर कुछ नहीं करेगी। यदि ऐसा होता है तो लोगों का गुस्सा कहीं न कहीं फूटेगा। हमें इसकी चिंता नहीं है कि महंगाई पर संसद चलती है या नहीं, बड़ी चिंता आम आदमी की स्थिति को लेकर है। और हमें कोई आश्चर्य नहीं होगा यदि महंगाई इस देश में हिंसा का कारण बन जाए।’

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