हरियाणा के सुरजकुंड में शुक्रवार को कांग्रेस की 'संवाद बैठक' है. यूपीए टू में यह पहला मौका है कि सरकार चलाने के तरीकों की समीक्षा एक संवाद सत्र में होगी. कांग्रेस की यह एक दिवसीय संवाद बैठक उस वक्त हो रही है जब उसे कई घोटालों के खुलासे के बाद किरकिरी का सामना करना पड़ रह है. इसी कारण सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं.
सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण से सत्र में बैठक का एजेंडा तय हो जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री नेताओं को आर्थिक चुनौतियों और सरकार की ओर से तय मानदंड से अवगत कराएंगे. इस बैठक में सभी राज्यों के प्रभारी महासचिव और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य भाग ले रहे हैं.
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फरीदाबाद में लगने वाले कांग्रेस के संवाद शिविर के दौरान देश के वर्तमान राजनीतिक स्थिति एवं आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने बताया कि संवाद शिविर के दौरान 2009 की घोषणा पत्र की समीक्षा के साथ ही 2014 की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की जाएगी.
जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि संवाद शिविर में करीब 70 नेता शामिल होंगे जिसमें केंद्रीय मंत्रियों एवं सीडब्लूसी के सदस्य होंगे. ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि इसके लिए जनवरी में पार्टी का चिंतन शिविर लगाया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिसंबर, 2010 में पार्टी के पूर्ण अधिवेशन में चिंतन शिविर का विचार रखा था लेकिन इसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका. कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी साफ कर चुके हैं कि सूरजकुंड की बैठक चिंतन शिविर नहीं है और पार्टी बाद में ऐसे शिविर का आयोजन करना चाहती है.

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