पंजाब में पेट्रोल पंप पर गोरख धंधा. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 3 मार्च 2013

पंजाब में पेट्रोल पंप पर गोरख धंधा.


 पंजाब के सात जिलों में छापे मारकर पुलिस ने ऐसे  रैकेट का भंडाफोड़ किया है. जिसमे  पेट्रोल पंप के मालिक  मशीनों में चिप फिट करके चिपों के जरिए हर लीटर पर ग्राहकों को छह रुपये की चपत लगा रहे थे।
इसका पर्दाफाश पंजाब के मानसा की पुलिस ने किया है. पंजाब के पांच जिलों में पुलिस ने 12 पेट्रोल पंपों पर छापे मारी की. इस दौरान ग्राहकों से गोरखधंधा करने वाले अब तक सात पेट्रोल पंप सील कर दिए हैं.

मानसा में तीन, अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर और मुक्तसर में एक-एक पेट्रोल पंप सील किया गया है. लेकिन पता ये चला है कि करीब 150 पेट्रोल पंप ऐसे हैं जो इस इलेक्ट्रॉनिक चिप के जरिए ग्राहकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं.  वैसे तो रिमोट सहित इस चिप की कीमत महज एक हजार रुपये है लेकिन पेट्रोल पंप मालिकों को ये 40 हजार रुपये में बेची जा रही है. साथ ही पेट्रोल पंप मालिकों को इस इलेक्ट्रॉनिक चिप के रखरखाव की कीमत भी वसूली जाती थी.

इस इलेक्ट्रॉनिक चिप के काले कारोबार में पैसा कितना है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पेट्रोल पंप पर काम करने वाला एक मामूली कर्मचारी महज तीन साल में इस काले कारोबार से खुद पेट्रोल पंप का मालिक बन गया. पुलिस ने खुलासा किया है कि ये इलेक्ट्रॉनिक चिप दो तरह की होती है. एक का इस्तेमाल रिमोट से होता है जबकि दूसरी तरह की चिप बिना रिमोट के कोड नंबर से काम करती है.

पुलिस के मुताबिक इस गोरखधंधे की शुरुआत अंकुर वर्मा नाम के एक शख्स ने की. अंकुर ने पुलिस की गिरफ्त में आने पर जो खुलासा किया वो बेहद चौंकाने वाला है.  महज 12वीं पास अंकुर अपने तेज दिमाग के चलते यूपी के कानपुर की एक कंपनी में सर्विस इंजीनियर के तौर पर काम करता था. हालांकि डिग्री न होने के चलते उसे पगार बेहद कम दी जा रही थी.

इसी दौरान अंकुर मुंबई से ये खास तरह की इलेक्ट्रॉनिक चिप लाकर पेट्रोल पंपों को सप्लाई करने लगा. अंकुर ने कानपुर के बाद यूपी के औरैया में अपना नेटवर्क बनाया और चिप के लिए सेल्समैन तैयार किए. कुछ ही दिनों में वो यूपी से बाहर निकलकर दूसरे राज्यों तक जा पहुंचा.

मानसा पुलिस ने जो खुलासा किया है उसके मुताबिक यूपी में पेट्रोल पंपों पर ये गोरखधंधा धड़ल्ले से जारी है. तो क्या इस गोरखधंधे के खिलाफ पंजाब के बाद अब यूपी पुलिस भी जागेगी. या पेट्रोल, डीजल के ग्राहकों पर इस इलेक्ट्रॉनिक चिप का डाका पड़ता रहेगा ? हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे-तौर तरीके जिनके इस्तेमाल से आप कुछ पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों के जरिए की जाने वाली लूट से बच सकते हैं. पहली सावधानी तो यही कि जब भी आप पेट्रोल भरवाएं तो ये जरूर देखें कि पेट्रोल पंप का मीटर जीरो पर है या नहीं:

पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भराते समय अगर मीटर जीरो पर नहीं है तो पेट्रोल भरने वाले कर्मचारी से उसे जीरो पर करने के लिए कहें इसके बाद ही पेट्रोल भराएं. बाद ये भी जरूर देखें कि जितने लीटर पेट्रोल आपने भरवाया है मीटर रीडिंग भी वहीं है या नहीं. पेट्रोल पंप पर तेल भराते वक्त कई बार लोग आपका ध्यान बंटाने की कोशिश भी करते हैं. इस दौरान उनकी मंशा होती है की आप मीटर सही तौर पर ना देख सकें. यानी अगर कोई आपको बेवजह बातों में उलझाना चाहे तो सावधान हो जाइए.

अगर आप कार या अन्य किसी गाड़ी में पेट्रोल डला रहे हैं और गाड़ी ऐसी स्थिति में खड़ी है कि आपको वहां से पेट्रोल पंप का मीटर नजर नहीं आ रहा है तो इस बात की कोशिश जरूर करें कि जब आप गाड़ी से उतरकर मीटर देख लें तभी पेट्रोल पंप कर्मचारी आपकी गाड़ी में पेट्रोल डालना शुरू करे.

कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ पेट्रोल पंप मशीनों की पल्सर स्पीड को छेड़छाड़ कर तेज कर दिया जाता है. ऐसी स्थिति में मीटर तेल निकलने की मात्रा के अनुपात से तेज भागता है. आप कई पेट्रोल पंपों पर तेल लेते वक्त ध्यान देने के बाद इस बात को आसानी से महसूस कर सकते हैं लिहाजा ऐसे पेट्रोल पंपों पर तेल लेने से बचें जिनका मीटर तेज भागता है. सारी सावधानियों के बाद अगर आपको पेट्रोल पंप पर किसी तरह की असुविधा का सामना करना पड़े शिकायत पुस्तिका में अपनी बात जरूर दर्ज करें. अगर कर्मचारी शिकायत पुस्तिका मौजूद न होने का बहाना करे तो आप अपनी शिकायत वेबसाइट पर या लिखित भी दर्ज करा सकते हैं.

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