- एआईएसएफ ने की निंदा, मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा, मृतक के परिजनों को 10 लाख मुआवजा व एक परिवार को नौकरी की मांग की
पटना, 16 जुलाई। छपरा के मशरक प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय धरमसती, गंडामन में मंगलवार को मध्याह्न भोजन खाने से 11 बच्चों की मौत की धटना की एआईएसएफ की बिहार राज्य परिषद ने निंदा की है। संगठन के राज्य सचिव विश्वजीत कुमार एवं राज्य पार्षद प्रिंस कुमार ने प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की मौत पर मुख्यमंत्री से नौतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। साथ मृतक छात्रों के परिवार को 10-10 लाख रूपया मुआवजा एवं एक परिवार को नौकरी देने की भी मांग की। दोनों नेताओं ने कहा कि मध्याह्न भोजन में बच्चों के बिमार पड़ने एवं धटिया भोजन देने की धटना लगातार सामने आ रही थी। एआईएसएफ ने इन धटनाओं पर सरकार को सचेत होने एवं दोषियों पर कार्रवाइ की मांग की थी लेकिन सरकारी लापरवाही के कारण राज्य के किसी भी जिले में दोषियों पर कार्रवाइ नहीं हुई इसी का परिणाम हैं कि आज छपरा में इस तरह की धटना धटी। सरकार अविलम्ब दोषियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करते हुए कठोर कार्रवाइ करें नहीं तो संगठन राज्यभर में इसके खिलाफ आंदोलन तेज करेगा। साथ ही संगठन ने भोजन खाने से बिमार बच्चों का उच्च स्तरीय इलाज कराने एवं उचित मुआवजा देने की मांग की है।
वहीँ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने सारण जिला में स्कूली बच्चांे को दिये जाने वाले मध्याह्न भोजन खाने से 11 बच्चों की मृत्यु एवं 50 से अधिक बच्चों की स्थिति गंभीर होने के टी.वी. समाचार पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्य दफ्तर से जारी बयान में पार्टी के राज्य सचिवमंडल ने कहा है कि इस तरह की धटना काफी निन्दनीय हैं तथा सरकार द्वारा केवल मुआवजा की धोषणा काफी नहीं है। सचिव मंडल ने इस धटना की पूरी तौर पर छानबीन कर जाँच करने एवं धटना के लिए जिम्मेवार व्यक्तियों पर क्रिमिनल दफाओं में मुकदमा दायर कर दंडित करने की मांग की है। इसके साथ ही सचिव मंडल ने यह भी मांग की है कि इस तरह की धटना पर पूर्ण रूपेण रोक लगे उसके लिए सरकार अविलम्ब उपयुक्त मशीनरी को तैयार करे।
पटना, 16 जुलाई। छपरा के मशरक प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय धरमसती, गंडामन में मंगलवार को मध्याह्न भोजन खाने से 11 बच्चों की मौत की धटना की एआईएसएफ की बिहार राज्य परिषद ने निंदा की है। संगठन के राज्य सचिव विश्वजीत कुमार एवं राज्य पार्षद प्रिंस कुमार ने प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की मौत पर मुख्यमंत्री से नौतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। साथ मृतक छात्रों के परिवार को 10-10 लाख रूपया मुआवजा एवं एक परिवार को नौकरी देने की भी मांग की। दोनों नेताओं ने कहा कि मध्याह्न भोजन में बच्चों के बिमार पड़ने एवं धटिया भोजन देने की धटना लगातार सामने आ रही थी। एआईएसएफ ने इन धटनाओं पर सरकार को सचेत होने एवं दोषियों पर कार्रवाइ की मांग की थी लेकिन सरकारी लापरवाही के कारण राज्य के किसी भी जिले में दोषियों पर कार्रवाइ नहीं हुई इसी का परिणाम हैं कि आज छपरा में इस तरह की धटना धटी। सरकार अविलम्ब दोषियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करते हुए कठोर कार्रवाइ करें नहीं तो संगठन राज्यभर में इसके खिलाफ आंदोलन तेज करेगा। साथ ही संगठन ने भोजन खाने से बिमार बच्चों का उच्च स्तरीय इलाज कराने एवं उचित मुआवजा देने की मांग की है।
वहीँ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने सारण जिला में स्कूली बच्चांे को दिये जाने वाले मध्याह्न भोजन खाने से 11 बच्चों की मृत्यु एवं 50 से अधिक बच्चों की स्थिति गंभीर होने के टी.वी. समाचार पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्य दफ्तर से जारी बयान में पार्टी के राज्य सचिवमंडल ने कहा है कि इस तरह की धटना काफी निन्दनीय हैं तथा सरकार द्वारा केवल मुआवजा की धोषणा काफी नहीं है। सचिव मंडल ने इस धटना की पूरी तौर पर छानबीन कर जाँच करने एवं धटना के लिए जिम्मेवार व्यक्तियों पर क्रिमिनल दफाओं में मुकदमा दायर कर दंडित करने की मांग की है। इसके साथ ही सचिव मंडल ने यह भी मांग की है कि इस तरह की धटना पर पूर्ण रूपेण रोक लगे उसके लिए सरकार अविलम्ब उपयुक्त मशीनरी को तैयार करे।

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