- आजादी के 66 साल के बाद भी आधी आबादी के साथ छल
पटना। कई राज्य सरकारों ने अपने प्रदेश में महिलाओं को त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत में आरक्षण दे रखा है। वहीं संसद और विधान सभा में आते-आते नेताओं के हाथ-पांव थम सा जाता है। आखिर महिलाओं को आरक्षण देने में विलम्ब क्यों हो रहा है। यह सवाल हरेक महिलाओं को आने वाले आम चुनाव के समय भावी उम्मीदवारों से पूछना चाहिए कि बोल संसद में पहुंचने के बाद महिलाओं को संसद में धूल फांकने वाले विधेयक को कानून बनवाने में सहयोग करोंगे।
इन सामाजिक कार्यनेत्री रंजना कुमारी ने प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के पास हस्ताक्षर अभियान चलाकर मांग कर रही हैं कि संसद में महिलाओं को आरक्षण देने वाले विधेयक को पासकर कानून बना डालें।
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