विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर ( 19 अगस्त) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 19 अगस्त 2013

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर ( 19 अगस्त)

झूमते-गाते निकले कांवडि़ए, संस्कृति मंत्री श्री शर्मा द्वारा करोडो की लागत के निर्माण कार्याे का शिलान्यास   

विदिशा। सावन के आखरी सोमवार पर शहर मे दिनभर शिव आराधना का दौर चलता रहा। बाबा विश्वनाथधाम तीर्थ क्षेत्र देवपुर कांवड़ यात्रा समिति द्वारा इस अवसर पर विशाल कावंड़ यात्रा भी निकाली गई। जिसमें शामिल हजारों कावंड़ यात्री बोल बम के जयकारों लगाते हुए भीगते हुए बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे। इन श्रद्धालुओं में संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा भी शामिल थे। सोमवार को शहर में अलसुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। बावजूद इसके शिव भक्तों के उत्साह में किसी भी प्रकार के कमी नहीं दिखाई दी। बाबा विश्वनाथधाम तीर्थ क्षेत्र देवपुर कांवड़ यात्रा समिति द्वारा आयोजित कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का भोपाल रोड पर स्थित जटाशंकर मंदिर पर पहुंचना शुरू हो गया था। यहां पर बाबा स्थित प्राचीन शिवलिंग की पूजा-अर्चना के उपरांत सुबह 11 बजे करीब यहीं से कांवड़ यात्रा की शुरूआत हुई। इसके साथ ही शुरू हुआ बोल बम और भोलेनाथ के जयकारों का दौर लगातार चलता रहा। रिमझिम और मध्यम गति की बारिश कांवडि़यों के उत्साह में लगातार इजाफा कर रही थी। केसरिया वस्त्रधारी कांवडि़यों द्वारा झूमते-गाते कदमताल करते हुए चल रहे थे। इनमें से कईयों अपने कंधे पर कांवड़ धारण कर रखी तो कई युवा श्रद्धा से अभिभुत होकर पैदल ही भोले के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। इस दौरान तहसील रोड पर उच्चशिक्षा एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा भी इस कावंड़ यात्रा का हिस्सा बन गए। कंधे पर कांवड़ रख कर श्री शर्मा खुद भी सभी कांवडि़यों के साथ कदमताल करते दिखाई दिए। यह कावंड़ यात्रा पुराना बस स्टेण्ड, नया बस स्टेण्ड, हाजीपुर, मुख्य बाजार तथा बामौरा रोड होते हुए छतरी चैराहे पर पहुंची। यहां से आरोन रोड होते हुए सभी कांवड़ यात्री जोरदार बारिश के बीच ही 12 किलोमीटर का सफर नंगे पैर पैदल ही तय कर बाबा विश्वनाथ के दरबार देवपुर पहुंचे।

पालकी में सवार था शिव का मुखौटा
कांवड़ यात्रा का सबसे मुख्य आकर्षण पालकी में सवार शिव का मुखौटा था। आयोजन समिति द्वारा इस पालकी को भी भव्य रूप प्रदान किया गया था। उज्जैन से आए शिवभक्तों द्वारा भोलेनाथ की इस पालकी को अपने कंधो पर स्थापित कर रखा था। सारे रास्ते लोगों पालकी में सवार भोलेनाथ का पूजन कर उन्हे अमनिया भी अर्पित किया।

उज्जैन के बंेड ने बांधा समा
यात्रा में कावंडि़ए केसरिया ध्वज लिए चल रहे थे। समिति द्वारा कांवड़ यात्रा में उज्जैन के न्यू महावीर बेंड और सागर के ताशे को भी खास तौर से आमंत्रित किया गया था। साथ ही करीब आधा दर्जन डीजे और स्थानीय बेंड से निकल रही शिवभजनों की धुन कांवडि़यों के उत्साह में इजाफा कर रही थी। वहीं अनेक कांवडिए आकर्षक ढंग से सजी कांवड़ लेकर भी चल रहे थे।

जगह-जगह हुआ स्वागत
यात्रा में शामिल कांवडि़यों का जगह-जगह पर श्रद्धालुओं और विभिन्न संस्थाओं द्वारा जोरदार स्वागत भी किया गया। किसी ने पुष्प वर्षा कर तो खीर, खिचड़ी और केले का प्रसाद वितरित का कांवडि़यों का स्वागत किया। रोहिलपुरा चैराहे पर शिवशंभू सेवा समिति तथा अतिशय तीर्थ नसिया जी पर जैन श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ यात्रा का स्वागत किया गया।

किया बाबा विश्वनाथ का अभिषेक
शाम चार बजे देवपुर पहंुचने के उपरांत उच्चशिक्षा एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने सिरोंज के केथन डेम और देश के प्रमुख तीर्थो से मंगाए गए जल से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया। साथ ही कांवडि़यों ने भी बाबा का अभिषेक किया। इस दौरान यात्रा आयोजन समिति के सदस्यों के साथ ही क्षेत्र के प्रमुख जनप्रनिधी और अधिकारी भी उपस्थित थे।

करोड़ो के कार्य का किया भूमिपूजन
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने देवपुर तीर्थ क्षेत्र में अनेक निर्माण कार्यो का भूमिपूजन भी किया। उन्होने देवपुर में 30 लाख की लागत से निर्मित होने वाली सामुदायिक धर्मशाला के साथ ही पर्यटन विकास निगम द्वारा 1 करोड़ 20 लाख की लागत से किए जाने वाले कार्यो विभिन्न निर्माण कार्यो का भूमिपूजन भी किया। इस दौरान उन्होने तीर्थ क्षेत्र की विकास योजना पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। संस्कृति विधालय ने संस्कृति मंत्री ने अपने उध्वोधन में कहा कि देवपुर में शीघ्र ही संस्कृति विधानय प्रारंभ कराये जाने का आश्वाशन दिया उन्होने क्षेत्र की प्रगति के लिए सबको मिलकर काम करने की बात कही । सुसजित श्रेष्ट काबड को नगद राशियों से पुरूकृत किया

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